Bihar Teacher Salary: ODL और नियमित प्रशिक्षण वाले शिक्षकों को बड़ा लाभ, प्रशिक्षण तिथि से होगा वेतन निर्धारण
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले में प्रशिक्षण पूरा कर चुके शिक्षकों के वेतन निर्धारण और अंतर वेतन भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना की ओर से 25 सितंबर 2026 को सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर दूरस्थ शिक्षा यानी ODL और नियमित माध्यम से विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।जारी पत्र में कहा गया है कि पात्र शिक्षकों को प्रशिक्षण पूर्ण होने की तिथि से वित्तीय लाभ देते हुए नियमानुसार वेतन का निर्धारण किया जाए। इसके साथ ही देय अंतर वेतन की राशि के भुगतान की कार्रवाई भी नियमों के अनुसार की जाएगी।
प्रशिक्षण पूरा होने की तारीख से मिलेगा वित्तीय लाभ
विभागीय निर्देश के अनुसार संबंधित शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा होने की तिथि से वित्तीय लाभ देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए शिक्षकों के वेतन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा और यदि पहले निर्धारित वेतन से कम भुगतान हुआ है तो नियमानुसार अंतर वेतन का भुगतान किया जाएगा।पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्थानीय निकाय से बने विशिष्ट शिक्षक और प्रधान शिक्षक भी निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे।
Pay Protection का भी मिलेगा लाभ
जारी आदेश में स्थानीय निकाय से विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक एवं प्रधान शिक्षक के रूप में आच्छादित शिक्षकों के वेतन संरक्षण यानी Pay Protection का भी उल्लेख किया गया है।विभागीय पत्र के अनुसार 22 नवंबर 2025 के निर्देश के अनुरूप वेतन संरक्षण का लाभ प्रदान करते हुए वेतन निर्धारण की कार्रवाई की जाएगी। इससे पात्र शिक्षकों के वेतन को नियमों के अनुसार सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इन तीन शर्तों को पूरा करना जरूरी
प्रशिक्षण पूर्ण होने की तिथि से वित्तीय लाभ पाने के लिए पत्र में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें निर्धारित की गई हैं।पहली शर्त के अनुसार शिक्षक की स्थानीय निकाय शिक्षक के रूप में प्रथम नियुक्ति की तारीख 31 मार्च 2015 से पहले की होनी आवश्यक है।दूसरी शर्त यह है कि संबंधित सत्र में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आयोजित प्रशिक्षण परीक्षा में शिक्षक को पहले प्रयास में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।तीसरी और महत्वपूर्ण शर्त के रूप में संबंधित शिक्षक का पात्रता परीक्षा BTET/CTET उत्तीर्ण होना आवश्यक बताया गया है।
वेतन निर्धारण के लिए दस्तावेज देने होंगे
विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित सभी शर्तें पूरी करने वाले शिक्षकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं।इनमें नियम के अनुसार भरा हुआ वेतन निर्धारण प्रपत्र, संबंधित शिक्षक की मूल सेवा पुस्तिका, प्रशिक्षण उत्तीर्णता प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण पूर्णता की तिथि से संबंधित प्रमाण शामिल हैं।इन दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार वेतन निर्धारण और अंतर वेतन भुगतान की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रखंड स्तर से होगी कार्रवाई
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना की ओर से जारी पत्र सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि अपने स्तर से संबंधित शिक्षकों के दस्तावेज और निर्धारित शर्तों की जांच कराई जाए।शर्तें पूरी करने वाले शिक्षकों का वेतन निर्धारण विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। साथ ही जहां अंतर वेतन देय होगा, वहां उसके भुगतान की कार्रवाई भी नियम के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
शिक्षकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है आदेश?
इस आदेश से उन शिक्षकों को वित्तीय लाभ मिलने का रास्ता साफ होता है, जिन्होंने निर्धारित अवधि में ODL या नियमित माध्यम से प्रशिक्षण पूरा किया है और विभाग की ओर से तय सभी शर्तों को पूरा करते हैं।खास तौर पर प्रशिक्षण पूरा होने की तारीख से वित्तीय लाभ दिए जाने और अंतर वेतन के भुगतान का प्रावधान संबंधित शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि लाभ पाने के लिए 31 मार्च 2015 से पहले की प्रथम नियुक्ति, प्रशिक्षण परीक्षा में प्रथम प्रयास में सफलता और BTET/CTET उत्तीर्ण होने जैसी शर्तें पूरी करना जरूरी है।
25 सितंबर को जारी हुआ पत्र
समस्तीपुर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना की ओर से यह पत्र 25 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। पत्र में प्राथमिक शिक्षा निदेशक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पूर्व में जारी निर्देशों का भी संदर्भ दिया गया है।अब संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के स्तर से पात्र शिक्षकों के अभिलेखों की जांच और वेतन निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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