
UP TGT PGT Recruitment 2026: 20,347 पदों पर भर्ती में TET को लेकर बड़ा अपडेट, योगी सरकार NCTE को लिखेगी पत्र
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में टीजीटी-पीजीटी शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई को पत्र लिखने का निर्देश दिया है। इसमें आंदोलन कर रहे युवाओं के लिए नियमों में एक बार छूट देने या ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की जाएगी, जिससे निर्धारित अवधि के बाद प्रभावित अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकें।
17 दिनों से चल रहे आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा कदम
प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी भर्ती की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर सितंबर की शुरुआत से आंदोलन चल रहा है। 22 सितंबर को आंदोलन का 17वां दिन था। इस दौरान अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव भी किया था। वहीं 23 सितंबर को जिला प्रशासन ने चार आमरण अनशन कर रहे छात्रों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।आंदोलन का मुख्य विवाद वर्ष 2026 की नई टीजीटी भर्ती की पात्रता शर्तों को लेकर है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नई व्यवस्था में टीईटी/सीटीईटी, स्नातक में 50 प्रतिशत अंक और विषय संयोजन जैसी शर्तों से बड़ी संख्या में पुराने अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं।
17,740 टीजीटी और 2,607 पीजीटी पदों पर नजर
माध्यमिक विद्यालयों की प्रस्तावित भर्ती में 17,740 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और 2,607 प्रवक्ता (पीजीटी) पदों का उल्लेख मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े ताजा विवरण में किया गया है। दोनों को जोड़ने पर 20,347 पद होते हैं। इन्हीं पदों की भर्ती प्रक्रिया में पात्रता नियमों को लेकर अभ्यर्थियों की बड़ी चिंता सामने आई है।हालांकि इससे पहले भर्ती के अधियाचन से जुड़ी रिपोर्टों में पीजीटी के 2,615 पद बताए गए थे। जुलाई में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से टीजीटी के 17,740 और पीजीटी के 2,615 पदों समेत अन्य पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसलिए अंतिम पद संख्या भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी होने पर ही स्पष्ट मानी जाएगी।
TET के अलावा इन नियमों पर भी आपत्ति
अभ्यर्थियों की मांग केवल टीईटी तक सीमित नहीं है। वे टीजीटी आवेदन में स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता हटाने, विषय संयोजन से जुड़ी शर्तों में राहत देने और एकल विषय से प्राप्त डिग्री को भी निर्धारित परिस्थितियों में मान्य करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का जोर पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती कराने पर है।
अब NCTE के जवाब पर टिकी नजर
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से एनसीटीई को भेजे जाने वाला पत्र होगा। सरकार की ओर से जिस राहत का प्रस्ताव रखा जाएगा, उस पर अंतिम स्थिति संबंधित नियमों और एनसीटीई के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।फिलहाल प्रयागराज में आमरण अनशन समाप्त हो चुका है, लेकिन टीजीटी-पीजीटी भर्ती की पात्रता को लेकर अभ्यर्थियों की मांगें पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। ऐसे में टीईटी से छूट, 50 प्रतिशत अंक की शर्त और विषय संयोजन पर आने वाला अगला सरकारी फैसला हजारों अभ्यर्थियों की पात्रता को सीधे प्रभावित कर सकता है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें