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शनिवार, 26 सितंबर 2026

Hardoi BEO News: हरदोई में 12 बीईओ के भरोसे 19 ब्लॉक और नगर क्षेत्र, कई के पास 3 से 6 प्रभार; चार अधिकारी ब्लॉक आवंटन की प्रतीक्षा में

 


Hardoi BEO News: हरदोई में 12 बीईओ के भरोसे 19 ब्लॉक और नगर क्षेत्र, कई के पास 3 से 6 प्रभार; चार अधिकारी ब्लॉक आवंटन की प्रतीक्षा में

हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारियों की कमी का असर अब ब्लॉक स्तर पर कामकाज और विद्यालयों की निगरानी पर दिखाई दे रहा है। जिले में 19 विकासखंड और एक नगर क्षेत्र हैं, जबकि वर्तमान व्यवस्था में 12 खंड शिक्षा अधिकारियों के सहारे काम चल रहा है। इनमें तीन बीईओ को कार्यालय से संबद्ध रखा गया है। दूसरी ओर कई अधिकारियों के पास एक से अधिक ब्लॉकों की जिम्मेदारी है और कुछ के पास तीन से लेकर छह क्षेत्रों तक का प्रभार है। गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए चार बीईओ भी अभी ब्लॉक आवंटन की प्रतीक्षा में हैं।जिले में बीईओ की कमी का मामला नया नहीं है। जुलाई 2026 में भी रिपोर्ट सामने आई थी कि स्थानांतरण के बाद कई विकासखंडों में बीईओ के पद खाली होने से विद्यालयों की निगरानी और विभागीय काम प्रभावित हो रहे थे। उस समय अधिकांश अधिकारियों के पास दो-दो ब्लॉकों का अतिरिक्त प्रभार था।

19 ब्लॉक और एक नगर क्षेत्र, तैनात सिर्फ 12 बीईओ

हरदोई जिले में 19 ब्लॉक और एक नगर क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारियों की तैनाती का प्रावधान है। इसके मुकाबले फिलहाल 12 बीईओ तैनात बताए गए हैं। इनमें से तीन अधिकारियों को बीएसए कार्यालय से संबद्ध रखा गया है। वहीं शेष अधिकारियों के बीच कई अतिरिक्त प्रभार बांटे गए हैं।जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध बीईओ निर्देशिका में भी जिले के 19 ब्लॉकों और नगर क्षेत्र के लिए अलग-अलग पदों का विवरण दर्ज है। हालांकि वेबसाइट पर उपलब्ध सूची और 25 सितंबर की प्रकाशित रिपोर्ट में अधिकारियों की वर्तमान जिम्मेदारियों में अंतर दिखाई देता है, इसलिए वर्तमान अतिरिक्त प्रभार की स्थिति को 25 सितंबर की रिपोर्ट के आधार पर देखना अधिक उचित है।

एक अधिकारी के पास छह क्षेत्रों का जिम्मा

25 सितंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार डीएल राणा के पास नगर क्षेत्र, मुख्यालय, सुरसा, बावन, संडीला और कछौना की जिम्मेदारी बताई गई है। यानी एक अधिकारी के पास छह क्षेत्रों का काम है।सुनील कुमार सिंह के पास सांडी, भरखनी और हरपालपुर का प्रभार है। प्रियंका सिंह के पास पिहानी और टोडरपुर की जिम्मेदारी बताई गई है। केके त्रिपाठी के पास कोथावां और भरावन, संतोष सिंह के पास बिलग्राम और माधौगंज तथा राजेश राम के पास मल्लावां और बेहंदर का प्रभार बताया गया है।इसके अलावा अनिल झा के पास हरियावां और टड़ियावां, रतन लाल के पास शाहाबाद और अनुज कुमार के पास अहिरोरी का प्रभार बताया गया है। वहीं सीमा गौतम, सपना रावत और ब्रजेश त्रिपाठी को कार्यालय से संबद्ध रखा गया है।

चार गैर जनपद से आए बीईओ अभी इंतजार में

विभागीय स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए चार खंड शिक्षा अधिकारियों को अभी ब्लॉक आवंटित नहीं किया गया है। यानी एक तरफ कई अधिकारियों पर अतिरिक्त प्रभार है, वहीं दूसरी तरफ उपलब्ध अधिकारियों को उनके नियमित ब्लॉक का आवंटन नहीं होने से वर्तमान व्यवस्था में असंतुलन बना हुआ है।सितंबर 2026 में प्रदेश स्तर पर भी बीईओ के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण हुए हैं। 11 सितंबर को जारी आदेश के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में 121 खंड शिक्षा अधिकारियों समेत कुल 494 कार्मिकों की स्थानांतरण प्रक्रिया की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अलग-अलग जिलों में नई तैनाती और प्रभार व्यवस्था को लेकर बदलाव हुए हैं।

विद्यालयों की निगरानी पर पड़ रहा असर

एक बीईओ के पास कई ब्लॉकों की जिम्मेदारी होने का सीधा असर क्षेत्रीय निगरानी पर पड़ सकता है। खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों के निरीक्षण के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा, शिक्षकों से संबंधित कार्य, आंकड़ों की निगरानी और ब्लॉक स्तर पर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करनी होती है।सितंबर में हरदोई में हुई विभागीय बैठक में भी बीईओ को योजनाओं की ऑनलाइन डाटा एंट्री समय से पूरी कराने, ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाने और शिक्षकों की प्रगति की समीक्षा से जुड़े निर्देश दिए गए थे। ऐसे में एक अधिकारी के पास कई क्षेत्रों का प्रभार होने से क्षेत्रवार निगरानी और नियमित समीक्षा की चुनौती बढ़ जाती है।प्रदेश स्तर पर भी बीईओ की भूमिका को विद्यालयों की गुणवत्ता निगरानी से जोड़ा गया है। सितंबर 2026 में हर महीने चौथे शनिवार को बीईओ और प्रधानाध्यापकों की समीक्षा बैठक कराने की व्यवस्था की खबर सामने आई थी, जिसमें निपुण भारत मिशन और डिजिटल संसाधनों के उपयोग समेत विद्यालयी गुणवत्ता की समीक्षा शामिल है।

हरदोई में अब ब्लॉक आवंटन का इंतजार

वर्तमान स्थिति में हरदोई के सामने दो तस्वीरें एक साथ दिखाई दे रही हैं। एक ओर कई बीईओ पर दो या उससे अधिक ब्लॉकों का अतिरिक्त प्रभार है, वहीं दूसरी ओर गैर जनपद से आए चार अधिकारी अपने ब्लॉक आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में विभागीय स्तर पर इन अधिकारियों को ब्लॉक आवंटित करने और अतिरिक्त प्रभार का बोझ कम करने का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।ब्लॉक स्तर पर स्थायी जिम्मेदारी तय होने के बाद अधिकारियों के कार्यक्षेत्र स्पष्ट होंगे और विद्यालयों की नियमित निगरानी समेत विभागीय कार्यों को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है।

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