
LakhimpurKheri Teacher News: स्कूल निरीक्षण में करीब 30 शिक्षक-शिक्षामित्र मिले गैरहाजिर, मानव संपदा पोर्टल पर नोटिस; 7 दिन में जवाब
लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। सितंबर महीने में जिले के अलग-अलग परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण के दौरान करीब 30 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अनुपस्थित मिले। निरीक्षण के समय ही अनुपस्थित कर्मचारियों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज किया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से संबंधित कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
निरीक्षण के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स
जिले में परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय और ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स गठित है। इनके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जिला समन्वयकों के लिए भी हर महीने स्कूल निरीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ स्कूल की शैक्षिक एवं अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति भी देखनी होती है। निरीक्षण की रिपोर्ट मौके पर ही प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाती है। इसी दौरान यदि कोई कर्मचारी अनुपस्थित मिलता है तो उसका विवरण भी रिपोर्ट में दर्ज किया जाता है।
करीब 30 कर्मचारी मिले अनुपस्थित
सितंबर में किए गए निरीक्षणों में करीब 30 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक विद्यालयों में अनुपस्थित पाए गए। प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज रिपोर्ट के आधार पर इन कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया में अब संबंधित कर्मचारियों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे। सभी को सात दिन में अपना स्पष्टीकरण देना है। जवाब मिलने के बाद विभाग यह देखेगा कि अनुपस्थिति का कारण क्या था और प्रस्तुत स्पष्टीकरण स्वीकार किए जाने योग्य है या नहीं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मानव संपदा पोर्टल पर ही भेजा गया नोटिस
नोटिस की प्रक्रिया भी ऑनलाइन रखी गई है। अनुपस्थित मिले शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे संबंधित कर्मचारी अपने विभागीय ऑनलाइन खाते के माध्यम से नोटिस और जवाब की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।विभाग की ओर से सात दिन की समय सीमा तय किए जाने के बाद अब अनुपस्थित मिले कर्मचारियों के जवाबों की समीक्षा की जाएगी। जवाब नहीं देने वालों के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सीएम डैशबोर्ड पर होती है निरीक्षण की समीक्षा
स्कूलों के निरीक्षण की प्रगति की हर महीने समीक्षा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर होती है। निरीक्षण के निर्धारित लक्ष्य और वास्तविक निरीक्षण की स्थिति के आधार पर जिलों की प्रगति देखी जाती है और रैंकिंग भी जारी होती है। इसलिए निर्धारित संख्या में निरीक्षण पूरा करना विभागीय अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण है।लखीमपुर खीरी में हाल की एक अन्य रिपोर्ट भी निरीक्षण व्यवस्था पर विभाग की निगरानी को दिखाती है। जिले के 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के लिए सितंबर में निरीक्षण लक्ष्य निर्धारित था। रिपोर्ट के अनुसार 60 निर्धारित निरीक्षणों में केवल 15 निरीक्षण हो सके, जबकि जिला समन्वयक बालिका शिक्षा के लिए निर्धारित 32 निरीक्षणों में 13 ही पूरे हुए। प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है।
निरीक्षण कम होने पर रैंकिंग पर भी असर
स्कूल निरीक्षण केवल शिक्षकों की उपस्थिति जांचने तक सीमित नहीं है। विभागीय योजनाओं की स्थिति, विद्यालय में व्यवस्थाएं और शैक्षिक गतिविधियों की भी निगरानी की जाती है। निरीक्षण की संख्या और उसकी रिपोर्टिंग ऑनलाइन दर्ज होने के कारण जिले की प्रगति की समीक्षा भी इसी आधार पर की जाती है।लखीमपुर खीरी में सितंबर के निरीक्षण में करीब 30 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अनुपस्थित मिलने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं। अब सात दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद उनके स्पष्टीकरण के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
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