UPTET Certificate Correction 2026: प्रमाणपत्र में गलती है तो अभी करें सुधार, सिर्फ एक मौका; ₹200 शुल्क, जानें पूरी प्रक्रिया
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में सफल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने जारी किए गए यूपीटीईटी प्रमाणपत्रों में दर्ज गलतियों को ठीक कराने के लिए ऑनलाइन संशोधन की सुविधा शुरू कर दी है। जिन अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र में नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि या वर्ग से संबंधित गलती है, वे निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से संशोधित प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने इसके लिए 200 रुपये संशोधन शुल्क निर्धारित किया है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रमाणपत्र में संशोधन का अवसर केवल एक बार मिलेगा। एक बार संशोधन पूरा होने के बाद अभ्यर्थी को दोबारा किसी अन्य जानकारी में सुधार कराने का मौका नहीं दिया जाएगा। इसलिए आवेदन अंतिम रूप से जमा करने से पहले प्रमाणपत्र और मूल दस्तावेजों में दर्ज सभी जानकारियों का अच्छी तरह मिलान करना जरूरी है।
200 रुपये देना होगा संशोधन शुल्क
UPESSC की ओर से संशोधित प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 200 रुपये का संशोधन शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। डाक, प्रत्यावेदन या किसी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन पर आयोग विचार नहीं करेगा।आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें और उसी प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें।
किन जानकारियों में कर सकते हैं सुधार?
जारी सूचना के अनुसार यूपीटीईटी प्रमाणपत्र में मुख्य रूप से व्यक्तिगत विवरण से जुड़ी गलतियों में संशोधन की सुविधा दी गई है। इनमें नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग शामिल हैं।आपके दिए विवरण में माता का नाम और विशेष आरक्षण श्रेणी भी संशोधन योग्य बताए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध ताजा समाचार रिपोर्टों में आयोग की ओर से स्पष्ट रूप से नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग का उल्लेख मिला है। इसलिए माता का नाम या विशेष आरक्षण श्रेणी बदलने से पहले अभ्यर्थी को पोर्टल पर उपलब्ध आधिकारिक निर्देश में संबंधित विकल्प की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
ऐसे करें UPTET Certificate Correction
अभ्यर्थी प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए निर्धारित प्रमाणपत्र पोर्टल पर जाएं। उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार रोल नंबर, जन्मतिथि और सुरक्षा कोड जैसी जानकारी दर्ज कर प्रवेश करना होगा। इसके बाद संशोधन से संबंधित विकल्प चुनकर जरूरी जानकारी भरनी होगी और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। आवेदन अंतिम रूप से जमा करने से पहले सभी विवरणों की दोबारा जांच करना जरूरी है।
- आधिकारिक प्रमाणपत्र पोर्टल खोलें।
- अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।
- सुरक्षा कोड भरकर प्रवेश करें।
- Request Correction विकल्प पर जाएं।
- जिस विवरण में वास्तविक गलती है, उसे सही जानकारी के अनुसार भरें।
- निर्धारित 200 रुपये शुल्क जमा करें।
- अंतिम सबमिशन से पहले पूरी जानकारी जांचें।
- आवेदन जमा करने के बाद उपलब्ध रसीद या प्रमाण सुरक्षित रखें।
UPTET Certificate Correction का आधिकारिक लिंक
अभ्यर्थी यूपीटीईटी प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रमाणपत्र पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
UPTET Certificate Correction Portal
आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इससे संबंधित दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं।
एक बार सुधार के बाद दोबारा मौका नहीं
UPTET Certificate Correction 2026 में सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात एक अवसर की शर्त है। आयोग के अनुसार एक बार प्रमाणपत्र में संशोधन किए जाने के बाद दोबारा किसी अन्य संशोधन का अवसर नहीं मिलेगा। इसलिए अभ्यर्थी जल्दबाजी में आवेदन जमा न करें।उदाहरण के लिए यदि नाम और जन्मतिथि दोनों में गलती है तो केवल एक गलती सुधारकर आवेदन पूरा करने के बजाय अंतिम सबमिशन से पहले सभी उपलब्ध विवरणों की जांच कर लेनी चाहिए। इसी तरह वर्ग या अन्य संशोधन योग्य जानकारी में बदलाव की जरूरत है तो संबंधित दस्तावेजों के अनुसार ही सही विवरण दर्ज किया जाना चाहिए।
500 से 700 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र में गलती
आयोग से जुड़ी जानकारी के अनुसार करीब 500 से 700 सफल अभ्यर्थियों के परिणाम प्रमाणपत्र में इस तरह की गलतियां सामने आई हैं। इन अभ्यर्थियों को संशोधित प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है।इससे पहले 7 सितंबर 2026 को यूपीटीईटी 2026 के सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। प्राथमिक स्तर पर 7,13,648 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 5,71,435 सफल हुए। उच्च प्राथमिक स्तर पर 10,57,021 अभ्यर्थी शामिल हुए और 7,59,513 सफल घोषित किए गए। दोनों स्तरों को मिलाकर पेपर-वार सफल अभ्यर्थियों की संख्या 13 लाख से अधिक रही।ऐसे में जिन सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र में व्यक्तिगत विवरण से संबंधित त्रुटि है, उनके लिए यह संशोधन सुविधा महत्वपूर्ण है। आवेदन करते समय सबसे जरूरी सावधानी यही है कि सही दस्तावेज के अनुसार जानकारी भरें और अंतिम सबमिशन से पहले हर विवरण की दोबारा जांच कर लें।
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