Teacher Sankul Meeting: यूपी के शिक्षकों के लिए बड़ा बदलाव, अब स्कूल समय में होगी शिक्षक संकुल बैठक, जानें नया समय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। न्याय पंचायत स्तर पर होने वाली शिक्षक संकुल की मासिक बैठक अब स्कूल समय के बाद नहीं, बल्कि विद्यालय संचालन के समय में ही आयोजित की जाएगी। हर महीने के तीसरे मंगलवार को होने वाली इस बैठक में संबंधित न्याय पंचायत के सभी विद्यालय अपनी शैक्षिक प्रगति और निर्धारित एजेंडे से जुड़ी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से शिक्षक संकुल बैठकों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य बैठक में शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाने के साथ विद्यालयों में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और शैक्षिक योजनाओं की नियमित समीक्षा करना है।
हर महीने तीसरे मंगलवार को होगी शिक्षक संकुल बैठक
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक संकुल की बैठक प्रत्येक महीने के तीसरे मंगलवार को आयोजित की जाएगी। बैठक के लिए वर्ष के अलग-अलग समय के अनुसार दो समय निर्धारित किए गए हैं।एक अप्रैल से 30 सितंबर तक बैठक दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक होगी। वहीं एक अक्तूबर से 31 मार्च तक शिक्षक संकुल बैठक दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक आयोजित की जाएगी।इस समय निर्धारण का संबंध परिषदीय विद्यालयों के निर्धारित संचालन समय से भी है। वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक विद्यालय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित किए जाने का कार्यक्रम जारी किया गया है।
पहले स्कूल के बाद होती थी बैठक
शिक्षक संकुल की बैठक पहले विद्यालय का समय समाप्त होने के बाद आयोजित की जाती थी। इसके कारण खासकर दूर-दराज के विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को बैठक में शामिल होने के लिए अतिरिक्त समय और यात्रा करनी पड़ती थी।स्कूल की छुट्टी के बाद न्याय पंचायत स्तर पर बैठक होने से शिक्षकों को आने-जाने में परेशानी होती थी। नई व्यवस्था में बैठक को विद्यालय संचालन के समय में ही रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे शिक्षकों को अलग से स्कूल के बाद बैठक में पहुंचने की समस्या से राहत मिलेगी।
सभी विद्यालय प्रस्तुत करेंगे अपनी रिपोर्ट
न्याय पंचायत स्तर पर होने वाली बैठक में संबंधित क्षेत्र के सभी विद्यालय निर्धारित एजेंडे के अनुसार अपनी रिपोर्ट रखेंगे। इसमें विद्यालय में चल रही शैक्षिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की प्रगति और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की जाएगी।बैठक का उद्देश्य केवल उपस्थिति या प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बैठक के प्रमुख बिंदुओं में रखा गया है।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए कैचअप शिक्षण की समीक्षा
बैठक में कैचअप शिक्षण के तहत कमजोर विद्यार्थियों को अलग से पढ़ाने के प्रयासों की समीक्षा की जाएगी। विद्यालयों से यह जानकारी ली जाएगी कि सीखने में पीछे रह रहे बच्चों की पहचान किस तरह की गई और उनके शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए क्या अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं।इससे शिक्षकों को कमजोर विद्यार्थियों की प्रगति पर चर्चा करने और जरूरत के अनुसार आगे की शिक्षण योजना तैयार करने का अवसर मिलेगा। शिक्षक संकुल बैठकों में शैक्षिक गुणवत्ता और निपुण लक्ष्य से जुड़े विषयों पर पहले भी चर्चा होती रही है।
विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने पर भी होगी चर्चा
शिक्षक संकुल बैठक में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की जाएगी। विद्यालयों को यह देखना होगा कि अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों से संपर्क करने और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।अभिभावकों से संपर्क भी बैठक के एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। शिक्षकों को अभिभावकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई और गृहकार्य के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की जानकारी साझा करनी होगी।
निपुण भारत मिशन और शैक्षिक गुणवत्ता पर भी जोर
शिक्षक संकुल बैठकों में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी महत्वपूर्ण रहेगी। हाल में आयोजित शिक्षक संकुल बैठक में समग्र रिपोर्ट कार्ड, निपुण भारत मिशन, प्री-प्राइमरी कक्षाओं में नवाचार और आईसीटी लैब तथा स्मार्ट कक्षाओं के बेहतर इस्तेमाल से संबंधित रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई थी।इससे संकेत मिलता है कि शिक्षक संकुल बैठक को विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता की नियमित समीक्षा के मंच के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
शिक्षकों को अब स्कूल के बाद नहीं रुकना पड़ेगा
नई व्यवस्था से सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि शिक्षकों को शिक्षक संकुल बैठक में शामिल होने के लिए विद्यालय की छुट्टी के बाद अलग से रुकने या न्याय पंचायत स्तर पर पहुंचने की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। बैठक विद्यालय संचालन के निर्धारित समय के भीतर होगी।विभाग की ओर से जारी निर्देशों में बैठक को अधिक उपयोगी बनाने के लिए विद्यालयों की वास्तविक शैक्षिक स्थिति पर चर्चा और रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया है। इससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, उपस्थिति और कमजोर बच्चों के लिए किए जा रहे अतिरिक्त शिक्षण कार्य की नियमित समीक्षा हो सकेगी।
शिक्षक संकुल बैठक का नया समय
एक अप्रैल से 30 सितंबर तक: दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक
एक अक्तूबर से 31 मार्च तक: दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक
बैठक का दिन: हर महीने का तीसरा मंगलवार
बैठक का स्तर: न्याय पंचायत
मुख्य विषय: विद्यार्थियों का सीखने का स्तर, कैचअप शिक्षण, उपस्थिति, गृहकार्य, अभिभावकों से संपर्क और विद्यालय की शैक्षिक प्रगतिइस बदलाव के बाद शिक्षक संकुल बैठक को विद्यालय की शैक्षिक प्रगति की नियमित समीक्षा से जोड़ने की कोशिश की गई है। शिक्षकों की सुविधा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बैठक के प्रमुख उद्देश्यों में रखा गया है।
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