शिक्षिका शाहीन प्रकरण: संडीला-मेडिकल रिपोर्ट और कॉल डिटेल भी खंगालेगी जांच समिति
लखनऊ। हरदोई के संडीला विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय टिमरुख की सहायक अध्यापिका शाहीन बानो की तबीयत बिगड़ने के मामले में जांच तेज हो गई है। प्रकरण में अब विद्यालय में हुई गैस रिसाव की घटना से लेकर शिक्षिका को किए गए फोन और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने तक के घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। जांच में चिकित्सकीय दस्तावेज, फोन कॉल से जुड़े विवरण और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
डीएम के निर्देश पर चार सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण
मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से गठित टीम ने 24 सितंबर को टिमरुख प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। टीम का नेतृत्व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया ने किया।जांच टीम में एसडीएम के अलावा जीआईसी के प्रधानाचार्य श्याम नारायण, एसीएमओ अरविंद सचान और जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार शामिल रहे। टीम ने विद्यालय परिसर, रसोईघर और उस गैस चूल्हे का भी निरीक्षण किया, जिसके पाइप में रिसाव के बाद आग लगने की बात सामने आई थी। टीम ने ग्रामीणों और रसोइयों से भी जानकारी ली।
गैस पाइप में रिसाव से शुरू हुआ मामला
मामले की शुरुआत 21 सितंबर को टिमरुख प्राथमिक विद्यालय में मध्यान्ह भोजन तैयार किए जाने के दौरान गैस पाइप में रिसाव से आग लगने की घटना से हुई थी। हादसे में दो रसोइया झुलस गई थीं।रसोइयों की ओर से आरोप लगाया गया था कि गैस पाइप पहले से खराब था और इसकी जानकारी विद्यालय स्तर पर दी गई थी। घटना के बाद शिकायत संडीला की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के सामने भी पहुंची, जिसके बाद गैस पाइप, पूर्व शिकायतों और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए गए।
इसके बाद शिक्षिका शाहीन बानो की तबीयत बिगड़ी
इसी घटनाक्रम के दौरान अवकाश पर चल रहीं शिक्षिका शाहीन बानो को फोन किए जाने की बात सामने आई। उनके परिजनों का आरोप है कि फोन पर बातचीत के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गईं।इसके बाद उन्हें लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज की जानकारी दी। रिपोर्टों के मुताबिक शाहीन बानो पहले से भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और उनका डायलिसिस चल रहा था।हालांकि, फोन कॉल और शिक्षिका की तबीयत बिगड़ने के बीच सीधे कारणात्मक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. ब्रजेश त्रिपाठी ने भी लगाए गए आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने घटना की जानकारी लेने के लिए फोन किया था।
मेडिकल रिपोर्ट और कॉल डिटेल की होगी जांच
शिक्षक संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। जांच में शिक्षिका की चिकित्सकीय स्थिति से संबंधित रिपोर्ट, उपचार के रिकॉर्ड और घटना के समय की परिस्थितियों को देखा जाना महत्वपूर्ण होगा।इसके अलावा शिक्षिका और बीईओ के बीच हुई बातचीत को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जानने के लिए कॉल विवरण और उपलब्ध संदेशों की जांच की मांग भी सामने आई है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि संबंधित समय पर फोन कॉल हुई थी या नहीं और घटनाक्रम का समय क्या था।हालांकि कॉल डिटेल से बातचीत में क्या कहा गया, यह अपने आप साबित नहीं होता। बातचीत की सामग्री के लिए उपलब्ध कानूनी साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान भी महत्वपूर्ण होंगे।
बीईओ को जारी हो चुका है कारण बताओ नोटिस
मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्रा की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। विभागीय जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि जांच किसी स्वतंत्र और वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष तरीके से की जाए। 23 सितंबर को संडीला में शिक्षकों ने धरना देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग भी उठाई थी। प्रदर्शन के बाद शिक्षक और परिजन संडीला कोतवाली तक पैदल मार्च भी पहुंचे।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में दो अलग-अलग घटनाक्रमों की जांच महत्वपूर्ण है। पहला, विद्यालय में गैस पाइप में रिसाव और दो रसोइयों के झुलसने की घटना। दूसरा, इसी प्रकरण के दौरान शिक्षिका शाहीन बानो से फोन पर संपर्क और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने का मामला।जांच समिति के निरीक्षण, चिकित्सकीय दस्तावेज, कॉल विवरण, संबंधित लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अभी किसी भी पक्ष पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।शिक्षिका के परिजनों और शिक्षक संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग जारी है, जबकि विभागीय स्तर पर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें