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बुधवार, 23 सितंबर 2026

UP Teacher Recruitment 2026: 3567 प्रधानाचार्य-शिक्षकों को नियुक्ति पत्र, योगी बोले- तैनाती में घूस मांगी तो जेल

 


UP Teacher Recruitment 2026: 3567 प्रधानाचार्य-शिक्षकों को नियुक्ति पत्र, योगी बोले- तैनाती में घूस मांगी तो जेल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में 3,567 नवचयनित प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। प्रदेश सरकार ने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया है।मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि चयन के बाद तैनाती और कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया में भी किसी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रधानाचार्य या शिक्षक को विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी प्रबंधक या अन्य व्यक्ति ने नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थी से लेन-देन की मांग की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

3567 पदों पर हुआ चयन, जानिए किस पद पर कितनी नियुक्तियां

इस नियुक्ति अभियान में कुल 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता यानी पीजीटी और सबसे अधिक 2,372 सहायक अध्यापक यानी टीजीटी शामिल हैं। आंकड़ों को देखें तो कुल नियुक्तियों में टीजीटी पदों की हिस्सेदारी करीब 66.5 प्रतिशत है। वहीं पीजीटी की हिस्सेदारी करीब 17.3 प्रतिशत, प्रधानाचार्य की करीब 8.9 प्रतिशत और प्रधानाध्यापक की करीब 7.2 प्रतिशत है।

पदनियुक्तियों की संख्या
प्रधानाचार्य319
प्रधानाध्यापक258
प्रवक्ता (पीजीटी)618
सहायक अध्यापक (टीजीटी)2,372
कुल3,567

इस तरह देखा जाए तो इस नियुक्ति प्रक्रिया में अकेले टीजीटी के 2,372 पद हैं। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में इन नियुक्तियों से शिक्षण व्यवस्था को अतिरिक्त मानव संसाधन मिलने की उम्मीद है।

तैनाती में पैसे मांगने वालों पर होगी कार्रवाई

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चयन होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी से तैनाती या ज्वाइनिंग के नाम पर पैसे की मांग नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री के मुताबिक यदि किसी प्रबंधक को किसी विषय पर आपत्ति या जिज्ञासा है तो वह शासन के सामने अपनी बात रख सकता है, लेकिन नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी से लेन-देन की बात स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि नवचयनित प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रबंधन की भूमिका रहती है। सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कार्यभार ग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार के विवाद की स्थिति न बनने देने पर जोर दिया गया है।

एक सप्ताह में 5297 युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का दावा

मुख्यमंत्री ने समारोह में रोजगार से जुड़े हालिया आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह के भीतर 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। मंगलवार को 3,567 अभ्यर्थियों को दिए गए नियुक्ति पत्र इसी क्रम का हिस्सा हैं।योगी ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार शिक्षकों को विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने की जिम्मेदारी निभानी है। यानी सरकार की ओर से नियुक्ति को केवल रोजगार के अवसर के रूप में नहीं, बल्कि विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।

2015-16 की भर्ती का उदाहरण देकर भ्रष्टाचार पर निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक नवचयनित अभ्यर्थी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि उस युवक ने उन्हें बताया कि उसने 2015-16 में भी इसी पद के लिए आवेदन किया था। उसके अनुसार उससे नौकरी के लिए 8 लाख रुपये मांगे गए थे। वह खेत बेचकर रकम जुटाकर पहुंचा, लेकिन तब तक अधिक रकम देने वाला दूसरा व्यक्ति नौकरी हासिल कर चुका था।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उसी युवक का चयन योग्यता के आधार पर हुआ है। यह उदाहरण देते हुए उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया। हालांकि यह प्रसंग मुख्यमंत्री द्वारा समारोह में बताए गए अभ्यर्थी के अनुभव पर आधारित था।

नकल माफिया पर भी मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व पुलिस महानिदेशक को आयोग की जिम्मेदारी देने का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नकल जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।सरकार की ओर से आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने को भर्ती व्यवस्था में बदलाव के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। आधिकारिक विवरण में भी इन नियुक्तियों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति बताया गया है।

ब्रजेश पाठक बोले- अब पर्ची और खर्ची से नौकरी नहीं

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अब नौकरी पर्ची और खर्ची के आधार पर नहीं मिलती तथा चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है।उन्होंने अपने संबोधन में 2017 से पहले और उसके बाद की स्थिति की तुलना करते हुए सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी ने शिक्षकों से विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार और माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह भी मौजूद रहीं।

अब ज्वाइनिंग प्रक्रिया पर रहेगी नजर

3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण संबंधित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करना है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग के सामने चुनौती यह होगी कि सभी चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर पूरी हो और किसी भी स्तर पर अनावश्यक अड़चन न आए।इस नियुक्ति अभियान के आंकड़े बताते हैं कि 2,372 टीजीटी, 618 पीजीटी, 319 प्रधानाचार्य और 258 प्रधानाध्यापक अब सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। कुल 3,567 नियुक्तियों के साथ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था में नए शिक्षकों और संस्था प्रधानों की तैनाती की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।मुख्य बिंदु: 3,567 नियुक्तियां, 2,372 टीजीटी, 618 पीजीटी, 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक और पिछले एक सप्ताह में 5,297 नियुक्ति पत्र बांटने का मुख्यमंत्री का दावा इस पूरे अभियान में अब नजर चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग और विद्यालयों में उनकी तैनाती पर रहेगी।

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