भारत में सर्वोच्च अधिकारी पदों में से एक भारत । Attorney General अर्थात महान्यायवादी का होता है जो देश के सर्वोच्च कानून अधिकारी होता है. क्या आपके भी मन में प्रश्न उठते हैं कि वर्तमान महान्यायवादी कौन है? अटॉर्नी जनरल का कार्यकाल कितना होता है? अटॉर्नी जनरल या महान्यायवादी की सैलरी कितनी होती है? भारत का महान्यायवादी कौन है 2021?
Attorney General अर्थात महान्यायवादी का उल्लेख भारत के संविधान के अनुच्छेद 76(1) में किया गया है. भारत के अटॉर्नी जनरल को भारत का राष्ट्रपति नियुक्त किया जाता है. अटॉर्नी जनरल का कार्यकाल तीन साल का होता है। वर्तमान केके वेणुगोपाल भारत के 15वें अटॉर्नी जनरल हैं, उन्हें पिछले साल विस्तार दिया गया था। वह भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार (chief legal advisor)हैं, Attorney General सभी कानूनी मामलों पर union government के सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं. वह राष्ट्रपति की सलाह पर लीगल एडवाइजर के अलवा कुछ अन्य कनजपमे को भी करता है. भारत का अटॉर्नी जनरल प्राथमिक वकील भी है जो भारत के सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करता है. भारत के वर्तमान महान्यायवादी((Attorney General of India) ) केके वेणुगोपाल हैं.
| Designation | Attorney General of India |
| Current Position Held By | K. K. Venugopal |
| Appointed By | President on advice of Union Cabinet |
| Role | Works as the chief legal advisor to the government and is primary lawyer in the Supreme Court of India. |
| 1st Attorney General of India | Motilal C. Setalvad |
Appointment of the Attorney General : भारत के अटॉर्नी जनरल की नियुक्ति
Role of the Attorney General - अटॉर्नी जनरल का कार्य :
भारत के Law Officer अधिकारी के रूप में, अटार्नी जनरल की निम्नलिखित भूमिकाएँ होती हैं वह राष्ट्रपति द्वारा संदर्भित सभी कानूनी मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देते हैं वह कानूनी सलाहकार के अन्य सभी कर्तव्यों का पालन करता है जो राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सलाह दी जाती है. वह किसी भी कानून या संविधान द्वारा उन्हें प्रदान किए गए सभी कार्य का निर्वहन करता है. कानूनी मामले से संबंधित विषय में उसे भारत सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में उपस्थित होना होगा. उसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत सर्वोच्च न्यायालय में किए गए किसी भी संदर्भ में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करना है. यदि भारत सरकार से संबंधित कोई मामला चल रहा है तो उसे भी उच्च न्यायालय में उपस्थित होना होगा.
- अटॉर्नी जनरल को भारत सरकार के खिलाफ सलाह नहीं देनी होती है.
- अटॉर्नी जनरल को उन मामलों में कोई संक्षिप्त सलाह या नहीं देनी होती है, जिनमें उन्हें भारत सरकार के लिए सलाह देने या पेश होने के लिए कहा जाता है.
- अटॉर्नी जनरल, भारत सरकार की अनुमति के बिना आपराधिक मुकदमों में अभियुक्तों का बचाव नहीं कर सकता.
- अटॉर्नी जनरल को भारत सरकार की अनुमति के बिना किसी भी कंपनी या निगम में निदेशक के रूप में नियुक्ति को स्वीकार नहीं करना चाहिए.
- भारत के अटॉर्नी जनरल को भारत के क्षेत्र में सभी अदालतों के सुनवाई में शामिल होने का अधिकार है.
- भारत के अटॉर्नी जनरल को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और उनके संयुक्त बैठक में भाग लेने का अधिकार है, लेकिन वोट देने का अधिकार नहीं है.
- भारत के अटॉर्नी जनरल को संसद की किसी भी समिति की बैठक में बोलने या हिस्सा लेने का अधिकार है, जिसमें उन्हें सदस्य के रूप में नामित किया गया हो.
- वह उन सभी विशेषाधिकारों और प्रतिरक्षाओं प्राप्त करता है, जो संसद के सदस्य के लिए उपलब्ध हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें