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शनिवार, 26 सितंबर 2026

Census 2027: प्रयागराज में बीमारी के नाम पर जनगणना ड्यूटी से राहत मांगने वालों की होगी मेडिकल जांच, 5 सदस्यीय बोर्ड गठित

 


Census 2027: प्रयागराज में बीमारी के नाम पर जनगणना ड्यूटी से राहत मांगने वालों की होगी मेडिकल जांच, 5 सदस्यीय बोर्ड गठित

प्रयागराज। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों के बीच प्रयागराज जिला प्रशासन ने जनगणना ड्यूटी से मुक्त होने के लिए बीमारी या इलाज का हवाला देने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब प्रगणकों और सुपरवाइजरों की ओर से चिकित्सा आधार पर ड्यूटी हटाने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्रों की जांच मेडिकल बोर्ड करेगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय चिकित्सा समिति का गठन किया है।जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, प्रयागराज की ओर से 25 सितंबर 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि जनगणना-2027 के कार्य में लगाए गए प्रगणकों और सुपरवाइजरों के चिकित्सा संबंधी प्रार्थना पत्रों की वास्तविकता की जांच की जाएगी। जांच के बाद मेडिकल बोर्ड अपनी स्पष्ट आख्या और संस्तुति अपर जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

प्रयागराज में 5 सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित

चिकित्सा आधार पर जनगणना ड्यूटी से नाम हटाने के आवेदनों की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में पांच अधिकारियों को शामिल किया गया है। अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।प्रशासन की ओर से गठित यह समिति बीमारी, उपचार और अन्य चिकित्सकीय कारणों से ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग करने वाले कर्मचारियों के मामलों की जांच करेगी। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।


केवल बीमारी बताने से नहीं कटेगी जनगणना ड्यूटी

नए आदेश के बाद चिकित्सा कारणों से जनगणना ड्यूटी से हटने की मांग करने वाले कर्मचारियों के आवेदनों की प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है। कर्मचारी की ओर से बीमारी या उपचार का कारण बताते हुए प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद मामले की मेडिकल बोर्ड के स्तर पर जांच होगी।जांच के बाद बोर्ड यह स्पष्ट करेगा कि आवेदन में बताए गए चिकित्सकीय कारण ड्यूटी से मुक्त किए जाने के आधार के रूप में स्वीकार किए जा सकते हैं या नहीं। इसके बाद बोर्ड की आख्या और संस्तुति के आधार पर संबंधित अधिकारी स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जनगणना ड्यूटी में लगाए गए हैं हजारों कर्मचारी

प्रयागराज में जनगणना-2027 के लिए बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों को प्रगणक और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी दी जानी है। अप्रैल 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार जिले में करीब 17 हजार प्रगणकों और सुपरवाइजरों की आवश्यकता बताई गई थी। उस समय 11,472 प्रगणकों और 1,816 सुपरवाइजरों सहित कुल 13,288 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा चुकी थी।जनगणना का काम बड़े स्तर पर होने के कारण कर्मचारियों की उपलब्धता प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में ड्यूटी से मुक्त किए जाने के चिकित्सा संबंधी आवेदनों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड की व्यवस्था की गई है।

जनगणना 2027 के दूसरे चरण में होगी जनसंख्या गणना

जनगणना-2027 को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना से संबंधित कार्य किया गया है। दूसरे चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना की जाएगी। प्रयागराज जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार दूसरे चरण में लोगों से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवासन और प्रजनन से संबंधित जानकारियां जुटाई जाएंगी।जनगणना का यह चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें प्रत्येक परिवार और उसमें रहने वाले सदस्यों से संबंधित निर्धारित जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इस काम के लिए नियुक्त प्रगणकों और उनकी निगरानी करने वाले सुपरवाइजरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

डिजिटल माध्यम से जुटाया जाएगा जनगणना का डेटा

जनगणना-2027 में डिजिटल व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रगणकों को मोबाइल आधारित व्यवस्था के माध्यम से जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। स्वगणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रयागराज जिला प्रशासन के अनुसार जनगणना से संबंधित डिजिटल व्यवस्था में हिंदी समेत 16 भाषाओं का प्रावधान किया गया है।ऐसे में जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षित और उपलब्ध कर्मचारियों की जरूरत बनी रहेगी। बीमारी अथवा इलाज के आधार पर ड्यूटी से राहत मांगने वाले कर्मचारियों के मामलों की मेडिकल जांच के लिए बोर्ड का गठन इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

25 सितंबर को जारी हुआ आदेश

प्रयागराज जिला प्रशासन का यह आदेश 25 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। आदेश के अनुसार मेडिकल बोर्ड चिकित्सा उपचार से संबंधित प्रार्थना पत्रों की वास्तविक जांच करेगा और अपनी स्पष्ट रिपोर्ट के साथ संस्तुति अपर जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी को देगा।इस व्यवस्था के बाद जनगणना-2027 की ड्यूटी से चिकित्सा आधार पर मुक्त होने के इच्छुक प्रगणकों और सुपरवाइजरों के आवेदनों का निस्तारण निर्धारित जांच प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इससे प्रशासन को वास्तविक चिकित्सकीय मामलों और अन्य आवेदनों के बीच अंतर करने में मदद मिलेगी और जनगणना के दूसरे चरण के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

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