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शनिवार, 26 सितंबर 2026

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली से कई राज्यों में भारी बारिश, यूपी-बिहार तक असर

 


Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली से कई राज्यों में भारी बारिश, यूपी-बिहार तक असर

बंगाल की खाड़ी में सितंबर के दौरान सक्रिय हुई मौसम प्रणाली का असर अब देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। शुरुआत में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत होकर डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदला। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 23 सितंबर को यह प्रणाली पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन के रूप में मौजूद थी और इसके उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ने का अनुमान था।

अर्नब नाम को लेकर क्या है पूरी कहानी?

इस मौसम प्रणाली के साथ “अर्नब” नाम की चर्चा तेजी से सामने आई। दरअसल, उत्तर हिंद महासागर में बनने वाले चक्रवाती तूफानों के नाम पहले से तय सूची के अनुसार रखे जाते हैं। “अर्नब” नाम बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया नाम है और इसका इस्तेमाल तभी आधिकारिक रूप से किया जाता है जब संबंधित मौसम प्रणाली चक्रवाती तूफान के स्तर तक पहुंचती है।महत्वपूर्ण बात यह है कि 22 और 23 सितंबर के आधिकारिक मौसम बुलेटिन में भारत मौसम विज्ञान विभाग ने संबंधित प्रणाली को डीप डिप्रेशन बताया था। इसलिए सोशल मीडिया या कुछ रिपोर्टों में इसे सीधे “चक्रवात अर्नब” कहे जाने और आधिकारिक मौसम वर्गीकरण के बीच अंतर समझना जरूरी है।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में दिखा सबसे ज्यादा असर

मौसम प्रणाली के तट की ओर बढ़ने के दौरान ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ी। कुछ जिलों में स्कूल बंद किए गए और आपदा प्रबंधन से जुड़े दलों को तैयार रखा गया।तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई थी। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई।

यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का असर

तट पार करने के बाद मौसम प्रणाली कमजोर होती गई, लेकिन इससे जुड़ी नमी और मौसमी गतिविधियों का प्रभाव मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचा। 25 और 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना भी जताई गई थी।उत्तर प्रदेश में भी 26 सितंबर को कई इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण बारिश का प्रभाव तटीय राज्यों से आगे मध्य और उत्तर भारत तक पहुंचा है।

मानसून की विदाई भी प्रभावित

सितंबर के अंतिम सप्ताह में सक्रिय इस प्रणाली ने मानसून की वापसी की प्रक्रिया को भी प्रभावित किया है। आमतौर पर इस समय उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी आगे बढ़ने लगती है, लेकिन बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बनी मौसमी गतिविधियों के कारण कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है।फिलहाल लोगों को तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और खुले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है। मौसम में बदलाव के बीच स्थानीय प्रशासन और भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।


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