UP Assistant Teacher Recruitment 2026: शिक्षामित्रों को मिल सकता है वेटेज, 75 हजार टीईटी पास पर नजर
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में 11,508 सहायक अध्यापक पदों पर चल रही भर्ती के बीच शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पास शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती में उनके अनुभव के आधार पर भारांक देने पर शासन स्तर पर विचार शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इस संबंध में शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के 2020 के आदेश का भी हवाला दिया है। हालांकि अभी भारांक देने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है और शासन की अनुमति का इंतजार है।
11,508 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों का मामला
उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के लिए 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद शिक्षामित्रों को अनुभव के आधार पर भारांक दिए जाने का उल्लेख नहीं होने पर सवाल उठे थे।22 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग ने चयन आयोग को सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की जानकारी भेजी थी। इसके बाद आयोग ने मामले की जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की। अब 25 सितंबर को आयोग की ओर से शासन को पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।इसका मतलब यह है कि अभी शिक्षामित्रों को भारांक मिलना तय नहीं हुआ है। शासन की मंजूरी और आगे की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौजूदा भर्ती में इसका लाभ किस तरह दिया जाएगा।
प्रदेश में 1.43 लाख से ज्यादा शिक्षामित्र
उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में करीब 1,43,470 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें 75 हजार से ज्यादा शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण बताए जा रहे हैं। यदि अनुभव के आधार पर भारांक देने का निर्णय होता है तो इन टीईटी पास शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती में सीधा लाभ मिल सकता है।हालांकि यह संख्या संभावित लाभार्थियों की है। वास्तविक रूप से कितने अभ्यर्थी मौजूदा भर्ती में पात्र होंगे और कितनों को भारांक मिलेगा, यह शासन और आयोग की ओर से तय किए जाने वाले नियमों पर निर्भर करेगा।
पहले 68,500 और 69,000 भर्ती में मिला था भारांक
शिक्षामित्रों को अनुभव के आधार पर भारांक देने की व्यवस्था नई नहीं है। इससे पहले 68,500 और 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को उनके शिक्षण अनुभव के आधार पर भारांक दिया गया था।न्यायिक रिकॉर्ड में दर्ज नियमों के अनुसार शिक्षामित्रों के लिए प्रत्येक पूर्ण शिक्षण वर्ष पर 2.5 अंक और अधिकतम 25 अंक तक भारांक का प्रावधान रहा है। इसका अर्थ है कि अधिकतम 10 पूर्ण वर्ष के अनुभव के लिए 25 अंक तक मिल सकते थे।हालांकि मौजूदा 11,508 पदों की भर्ती में यही व्यवस्था लागू होगी या कोई नया नियम बनाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम सरकारी आदेश का इंतजार करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के 2020 के आदेश का क्या मामला है?
शिक्षामित्रों के भारांक का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के 18 नवंबर 2020 के आदेश से भी जुड़ा है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद ने चयन आयोग को इसी आदेश की जानकारी भेजी है। रिपोर्टों में बताया गया है कि शीर्ष अदालत ने शिक्षामित्रों को आगे की शिक्षक चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने की बात कही थी और व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर छोड़ी थी।इसी पुराने आदेश के आधार पर अब मौजूदा भर्ती में शिक्षामित्रों के अनुभव को महत्व देने का मामला दोबारा सामने आया है।
2017 में रद्द हुआ था शिक्षामित्रों का समायोजन
शिक्षामित्रों का मामला वर्ष 2017 के बाद से लगातार चर्चा में रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सहायक अध्यापक पद पर शिक्षामित्रों के समायोजन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी।इसके बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों को फिर से शिक्षामित्र के रूप में कार्य करना पड़ा और उन्हें मानदेय दिया जाने लगा। हालिया रिपोर्टों में करीब 1.37 लाख शिक्षामित्रों के समायोजन प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है।इसके बाद शिक्षामित्रों को शिक्षक भर्ती में अवसर और उनके पूर्व अनुभव को महत्व देने की मांग लगातार उठती रही है।
अभी तय नहीं है कितने अंक मिलेंगे
शिक्षामित्र अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अगर भारांक मिलता है तो कितने अंक मिलेंगे। फिलहाल इसका कोई अंतिम आधिकारिक फॉर्मूला सामने नहीं आया है।पिछली भर्तियों में प्रत्येक पूर्ण वर्ष के अनुभव पर 2.5 अंक और अधिकतम 25 अंक का प्रावधान था। लेकिन 11,508 पदों की मौजूदा भर्ती में यही व्यवस्था लागू होगी, इसकी पुष्टि शासन के अंतिम निर्णय के बाद ही होगी।इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि प्रत्येक टीईटी पास शिक्षामित्र को निश्चित रूप से 25 अंक मिलेंगे।
बिना टीईटी वाले शिक्षामित्र भी मांग रहे विशेष टीईटी का मौका
भारांक के साथ-साथ टीईटी को लेकर भी शिक्षामित्रों की मांग सामने आई है। ऐसे शिक्षामित्र जिन्होंने अभी तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं की है, वे प्रस्तावित विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर मांग रहे हैं।हालिया रिपोर्टों के अनुसार विशेष टीईटी कराए जाने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई है। शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्हें भी इस परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि वे शिक्षक भर्ती की पात्रता पूरी कर सकें।
अब शासन के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल 11,508 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने का रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हुआ है, लेकिन इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। चयन आयोग ने शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है और इससे पहले मामले के परीक्षण के लिए चार सदस्यीय समिति भी गठित की जा चुकी है।अब शासन के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टीईटी पास शिक्षामित्रों को मौजूदा सहायक अध्यापक भर्ती में अनुभव का कितना लाभ मिलेगा और भारांक की गणना किस नियम के तहत की जाएगी।
भर्ती से जुड़े प्रमुख आंकड़े
कुल सहायक अध्यापक पद: 11,508
प्रदेश में कार्यरत शिक्षामित्र: 1,43,470
टीईटी पास शिक्षामित्र: 75 हजार से अधिक
पिछली भर्ती में अनुभव भारांक: प्रति पूर्ण वर्ष 2.5 अंक
पिछली व्यवस्था में अधिकतम भारांक: 25 अंक
मौजूदा स्थिति: शासन के निर्णय का इंतजार
शिक्षामित्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी भारांक की घोषणा अंतिम नहीं हुई है। इसलिए अभ्यर्थी शासन और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक सूचना को ही अंतिम मानें।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें