कोरोना व DBT का असर: सरकारी स्कूलों में 10 लाख से ज्यादा विद्यार्थी बढ़े
सरकारी व एडेड स्कूलों के 1.20 करोड़ विद्यार्थियों को डीबीटी का लाभ तुरंत दिया जाएगा। 1.85 करोड़ में से 1.20 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों का डाटा सत्यापित किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष कोरोना संक्रमण और डीबीटी के फैसले के चलते प्रदेश के सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में 10 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। प्रदेश के सरकारी व एडेड स्कूलों में 1.85 करोड़ बच्चे नामांकित हैं।
कोरोना संक्रमण के कारण सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ा लेकिन इससे भी ज्यादा डीबीटी के फैसले के बाद सहायता प्राप्त स्कूलों से सरकारी स्कूलों में भी बच्चे शिफ्ट हुए हैं। सरकारी स्कूलों में पिछले वर्ष लगभग 1.58 करोड़ बच्चे थे लेकिन अभी तक 2021-22 में लगभग 1.70 करोड़ बच्चों का नामांकन हो चुका है। नामांकन की प्रक्रिया अब भी जारी है। कोरांव-प्रयागराज के कम्पोजिट स्कूल में नामांकन में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं कानपुर देहात के जूनियर स्कूल में पिछले वर्ष 100 बच्चे थे लेकिन इस वर्ष संख्या बढ़कर 150 हो गई है। अब भी रोज पांच से छह बच्चे सरकारी स्कूलों में आ रहे हैं।
इसके पीछे कारण यह है कि यूनिफार्म का वितरण सरकारी व सहायता प्राप्त सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को किया जाता है लेकिन जूता-मोजा, स्कूल बैग, स्वेटर केवल सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को दिया जाता है। एडेड स्कूल के विद्यार्थियों को यूनिफार्म के लिए सिर्फ 600 रुपए दिया जाएगा, वहीं सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को 1100 रुपए दिया जाएगा।
1100 रुपये की धनराशि मिलेगी
- दो जोड़ा यूनिफार्म- 600 रुपये
- एक जोड़ा जूता व मोजा-125 रुपये
- स्वेटर-200 रुपये
- स्कूल बैग-175 रुपये
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