लोकसेवा आयोग की तरह अब मुक्त विश्वविद्यालय में भी सुनी जाएगी छात्र-छात्राओं की समस्याएं
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की तर्ज पर प्रदेशभर के शिक्षार्थियों की समस्याएं सुनेगा। इसके बाद उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण भी करेगा। यह अहम फैसला कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने 25 सितंबर से 23 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी केंद्रों के दौरे के बाद लिया है। इसके लिए शिक्षार्थी सहायता सेवा एवं शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन भी कर दिया गया है। इस पहल से शिक्षार्थियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एक महीने तक दौरे के बाद लिया कुलपति ने यह फैसला
उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रीय केंद्रों (प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, आगरा, मेरठ, कानपुर, झांसी, नोएडा, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या) के अलावा उनसे संबद्ध सभी 1300 अध्ययन केंद्रों से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को किसी भी तरह की समस्या होती थी तो वह संबंधित अफसरों के चक्कर काटने पड़ते थे। 25 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच खुद कुलपति प्रो. सीमा सिंह अपनी टीम के साथ प्रयागराज, कानपुर और झांसी को छोड़कर अन्य केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। कार्यशाला के जरिए कुलपति ने शिक्षार्थियों की नब्ज टटोलने की कोशिश भी किया कि उन्हें किस तरह की समस्याएं होती हैं। उन्होंने केंद्रों के संचालन में आने वाली समस्याओं और उसके समाधान पर भी चर्चा की। तकरीबन एक महीने के दौरे की समीक्षा के बाद उन्होंने शिक्षार्थी सहायता सेवा एवं शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के गठन का फैसला लिया। यह प्रकोष्ठ छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी शैक्षणिक समस्याओं को दूर करेगा।
प्रकोष्ठ में ये हैं शामिल
प्रो. छत्रसाल सिंह की अध्यक्षता में बनाए गए प्रकोष्ठ में डा. देवेश रंजन त्रिपाठी को सह प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा डा. श्रुति, डा. मीरा पाल, डा. दिनेश सिंह, सुनील कुमार, डा. सतीश चंद्र जैसल, डा. प्रभात चंद्र मिश्र और शहबाज अहमद को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।
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