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सोमवार, 15 अप्रैल 2024

बेसिक शिक्षा: शिक्षिकाओं की हुंकार, बराबर की साझीदार

 बेसिक शिक्षा: शिक्षिकाओं की हुंकार, बराबर की साझीदार

 बाराबंकी। महिलाएं आज किसी भी मायने में कम नहीं हैं। देश, समाज और घर की तरक्की में बराबरी की साझीदार हैं। महिला शिक्षकों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रतीक है कि वे केवल श्रद्धा ही नहीं, शक्ति भी हैं। शनिवार को शहर में लखनऊ रोड स्थित एक होटल में उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला इकाई ने संगोष्ठी के साथ विदाई और सम्मान समारोह आयोजित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएसए संतोष देव पांडेय ने कहा कि शिक्षा में महिलाओं के अतुलनीय योगदान को देश और समाज मानता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिला शिक्षकों की परेशानियों के प्रति विभाग हमेशा सजग रहेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अलका गौतम ने अधिकारियों के साथ तबादले के बाद जिले में आई नवागत खंड शिक्षा अधिकारी मसौली फिजा मिर्जा, फतेहपुर की आराधना अवस्थी, त्रिवेदीगंज के धर्मेंद्र प्रसाद का स्वागत किया। खंड शिक्षा अधिकारी संजय शुक्ला, सुशील कनौजिया, ज्ञानेंद्र सिंह को भावभीनी विदाई दी गई।



संगठन की जिलाध्यक्ष अलका गौतम ने महिला शिक्षकों की भीड़ देखकर कहा कि सपना पूरा हो रहा है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। मीडिया प्रभारी रंजना सहाय ने सभी का स्वागत किया। इस मौके पर बीईओ सुषमा सेंगर, अर्चना यादव, मंच संचालक प्रतिमा त्रिपाठी, रंजना सहाय, प्रीति सिंह सेंगर, शहनाज परवीन, लीलावती, कोरी चंदा, बुशरा परवीन, श्वेता गुप्ता, ऋचा सिंह व उत्तिमा पटेल आदि मौजूद रहीं।

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के कई संगठन हैं मगर ऐसा पहली बार हो रहा है जब महिला शिक्षकों का संगठन मजबूत दिख रहा है। मीडिया प्रभारी और शिक्षिका रंजना सहाय बताती हैं कि महिलाओं की समस्याओं को अधिकारियों के पास सुगमता से पहुंचाया जा रहा है। 20 मई को होने वाले मतदान को लेकर भी महिला शिक्षक लोगों को जागरूक करने में लगी हैं।

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