NIOS Bridge Course: 67,530 शिक्षकों को राहत, 500 अंकों का मूल्यांकन और पूरक परीक्षा का मौका
नई दिल्ली। प्राथमिक विद्यालयों में बीएड के आधार पर नियुक्त सेवारत शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की छह महीने की ब्रिज पाठ्यक्रम योजना महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। देशभर में अब तक 76,731 शिक्षकों का पंजीकरण दर्ज है, जिनमें 67,530 ने शुल्क का भुगतान कर प्रक्रिया पूरी की है। उत्तर प्रदेश में भुगतान किए गए पंजीकरण की संख्या 34,043 है। ऐसे में देशभर के हजारों शिक्षकों की निगाह अब पाठ्यक्रम पूरा करने और परीक्षा प्रक्रिया पर है।यह छह महीने का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम उन सेवारत प्राथमिक शिक्षकों के लिए बनाया गया है, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच बीएड को मान्य योग्यता के आधार पर हुई थी। उच्चतम न्यायालय के 8 अप्रैल 2024 के आदेश के बाद ऐसे शिक्षकों के लिए ब्रिज पाठ्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया गया था। एनआईओएस के अनुसार इस पाठ्यक्रम को पूरा करना नियुक्ति की पात्रता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
नौकरी बचाने के लिए ब्रिज पाठ्यक्रम पूरा करना जरूरी
ब्रिज पाठ्यक्रम केवल पहले से नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए है। एनआईओएस के आधिकारिक निर्देश के मुताबिक निर्धारित समयसीमा में पाठ्यक्रम पूरा नहीं करने पर संबंधित शिक्षक की नियुक्ति अमान्य हो सकती है। साथ ही इस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल भविष्य में प्राथमिक शिक्षक की नई भर्ती के लिए नहीं किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य पहले से सेवा में कार्यरत शिक्षकों को प्राथमिक स्तर की शिक्षण पद्धति और आवश्यक व्यावसायिक दक्षताओं से जोड़ना है।पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि नौकरी के साथ शिक्षक अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। इसमें ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा माध्यम के साथ संपर्क कक्षाएं, विद्यालय आधारित अभ्यास, पाठ योजना, शिक्षण गतिविधियां, पोर्टफोलियो और चिंतनशील डायरी जैसी गतिविधियां शामिल हैं। विद्यालय अनुभव के लिए कम से कम 20 शिक्षण दिवस और संपर्क कक्षाओं के लिए कम से कम 10 दिन निर्धारित किए गए हैं। विद्यालय अनुभव में न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति भी जरूरी है।
500 अंकों का होगा पूरा मूल्यांकन
एनआईओएस ने ब्रिज पाठ्यक्रम का मूल्यांकन कुल 500 अंकों का रखा है। इसमें 250 अंक आंतरिक मूल्यांकन के लिए और 250 अंक पाठ्यक्रम से जुड़ी परीक्षा के लिए निर्धारित हैं। पूरा कार्यक्रम 20 क्रेडिट का है, जिसमें 10 क्रेडिट आंतरिक मूल्यांकन और 10 क्रेडिट परीक्षा से जुड़े हैं।आंतरिक मूल्यांकन में विद्यालय अनुभव को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। इसके लिए 100 अंक निर्धारित हैं। इसमें पाठ योजना बनाकर कक्षा में शिक्षण, पोर्टफोलियो, विभिन्न गतिविधियां और चिंतनशील डायरी शामिल हैं।विद्यालय अनुभव के 100 अंकों में पाठ योजना और शिक्षण के 40 अंक, पोर्टफोलियो के 10 अंक, गतिविधियों एवं कार्यशाला रिकॉर्ड के 25 अंक और चिंतनशील डायरी के 25 अंक हैं। चार विषयों में 10-10 पाठ पढ़ाने की व्यवस्था है। इस तरह विद्यालय में शिक्षक जो नियमित शिक्षण कार्य करते हैं, उसी अनुभव को मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है।
किन विषयों की होगी पढ़ाई
ब्रिज पाठ्यक्रम में बाल विकास एवं शैक्षिक मनोविज्ञान, पाठ्यचर्या, शिक्षणशास्त्र एवं मूल्यांकन, भाषा-1, भाषा-2, गणित और हमारे आसपास की दुनिया जैसे विषय शामिल हैं।पहले दो विषयों में आंतरिक मूल्यांकन के 25-25 और परीक्षा के 75-75 अंक हैं। भाषा, गणित और हमारे आसपास की दुनिया से जुड़े विषयों में 25 अंक आंतरिक मूल्यांकन तथा 25 अंक परीक्षा के रखे गए हैं। विद्यालय अनुभव के 100 अंक अलग से निर्धारित हैं। इस तरह सभी विषयों को मिलाकर कुल 500 अंक और 20 क्रेडिट बनते हैं।
परीक्षा में असफल होने पर मिलेगा दूसरा मौका
सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा को लेकर सबसे अहम बात यह है कि मुख्य परीक्षा के साथ पूरक परीक्षा का प्रावधान भी रखा गया है। कार्यक्रम मार्गदर्शिका में पूरक परीक्षा के लिए अलग परीक्षा शुल्क की व्यवस्था दी गई है। इसका उद्देश्य उन शिक्षकों को अतिरिक्त अवसर देना है, जो पहली परीक्षा में सफल नहीं हो पाते या निर्धारित परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते।इस व्यवस्था से उन शिक्षकों को राहत मिल सकती है जिनके लिए सेवा में रहते हुए परीक्षा की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण है। हालांकि नियुक्ति की सुरक्षा के लिए केवल पंजीकरण पर्याप्त नहीं होगा। निर्धारित समयसीमा में पाठ्यक्रम पूरा करना और लागू मूल्यांकन शर्तों को पूरा करना जरूरी रहेगा।
उत्तर प्रदेश से 34 हजार से अधिक शिक्षक
एनआईओएस के वर्तमान प्रवेश आंकड़ों के मुताबिक कुल 76,731 पंजीकरण में 67,530 भुगतान किए गए हैं, जबकि 9,201 पंजीकरण अभी भुगतान की श्रेणी में नहीं हैं। इनमें 38,265 पुरुष, 38,458 महिला और आठ तृतीय लिंग श्रेणी के पंजीकरण दर्ज हैं।उत्तर प्रदेश में कुल 35,441 पंजीकरण दर्ज हैं। इनमें 34,043 भुगतान किए गए पंजीकरण और 1,398 बिना भुगतान वाले पंजीकरण हैं। यानी देशभर में भुगतान किए गए 67,530 पंजीकरणों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 50.4 प्रतिशत है। यह आंकड़ा बताता है कि इस ब्रिज पाठ्यक्रम में उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की संख्या कितनी बड़ी है।
शिक्षकों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
एनआईओएस के अनुसार पाठ्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है और अध्ययन सामग्री डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जाती है। पात्र शिक्षकों की जानकारी की पुष्टि विद्यालय प्रधानाध्यापक और राज्य स्तर के नोडल अधिकारी की प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है।शिक्षकों को विद्यालय अनुभव के दौरान निर्धारित गतिविधियों को पूरा करने, उपस्थिति की शर्त पूरी करने और आंतरिक मूल्यांकन से जुड़े कार्य समय पर जमा करने होंगे। केवल लिखित परीक्षा पर निर्भर रहने के बजाय 250 अंकों के आंतरिक मूल्यांकन को भी गंभीरता से लेना होगा।ब्रिज पाठ्यक्रम की पूरी व्यवस्था का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर पढ़ा रहे बीएड योग्य शिक्षकों को आवश्यक शिक्षण दक्षता उपलब्ध कराना है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद तैयार किए गए इस छह महीने के पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ वास्तविक विद्यालय अनुभव को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है। देशभर में 67,530 भुगतान किए गए पंजीकरण और उत्तर प्रदेश में 34,043 पंजीकरण इस व्यवस्था के बड़े दायरे को दर्शाते
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