Breaking

सरकारी नौकरी और शिक्षा की हर जरूरी खबर सबसे पहले
UPGovtUpdate.com का आधिकारिक WhatsApp चैनल
फॉलो करें →
Telegram पर जुड़ें UPGovtUpdate.com के लेटेस्ट अपडेट ›

Primary Ka Master Latest Updates | Education News | Employment News latter 👇

शनिवार, 26 सितंबर 2026

UPTET Certificate Correction 2026: नाम, जन्मतिथि और वर्ग में गलती सुधारने का मौका, 200 रुपये शुल्क

 


UPTET Certificate Correction 2026: नाम, जन्मतिथि और वर्ग में गलती सुधारने का मौका, 200 रुपये शुल्क

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 में सफल अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अब यूपीटीईटी प्रमाणपत्र में हुई गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र में नाम, पिता या पति के नाम, जन्मतिथि अथवा वर्ग से जुड़ी कोई त्रुटि है, वे ऑनलाइन माध्यम से संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं। संशोधन के लिए 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रमाणपत्र में एक बार संशोधन होने के बाद दोबारा किसी अन्य गलती को सुधारने का अवसर नहीं मिलेगा।

केवल ऑनलाइन स्वीकार होगा आवेदन

प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा। संशोधन संबंधी आवेदन डाक, व्यक्तिगत प्रत्यावेदन या किसी अन्य माध्यम से स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आयोग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार अभ्यर्थी https://certificates.upessc.org/ पर जाकर प्रमाणपत्र में जरूरी सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। संशोधित प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 200 रुपये का शुल्क देना होगा।आयोग ने अभ्यर्थियों को आवेदन जमा करने से पहले दर्ज की जाने वाली जानकारी और मांगे गए दस्तावेजों को अच्छी तरह जांचने की सलाह दी है। खास तौर पर नाम, पिता या पति का नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारी में दोबारा गलती न हो, इसका ध्यान रखना जरूरी है।

500 से 700 प्रमाणपत्रों में मिली गलती

आयोग के अनुसार करीब 500 से 700 सफल अभ्यर्थियों के परीक्षाफल प्रमाणपत्र में किसी न किसी तरह की त्रुटि सामने आई है। इनमें मुख्य रूप से नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग से संबंधित गलतियां शामिल हैं। इन अभ्यर्थियों को अब ऑनलाइन सुधार का अवसर दिया गया है।यह सुविधा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपीटीईटी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल आगे शिक्षक भर्ती में पात्रता प्रमाणित करने के लिए किया जाता है। प्रमाणपत्र में दर्ज जानकारी और अभ्यर्थी के शैक्षिक दस्तावेजों में अंतर होने पर आगे दस्तावेज सत्यापन के समय परेशानी हो सकती है। इसलिए जिन अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र में गलती दिखाई दे रही है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत संशोधन कराना चाहिए।

UPTET Certificate Correction 2026: ऐसे करें आवेदन

यूपीटीईटी 2026 के प्रमाणपत्र में सुधार के लिए अभ्यर्थी नीचे दिए गए तरीके से आवेदन कर सकते हैं।

  1. सबसे पहले https://certificates.upessc.org/ वेबसाइट पर जाएं।

  2. पोर्टल पर उपलब्ध प्रमाणपत्र संशोधन से संबंधित विकल्प पर जाएं।

  3. अब अपना रोल नंबर, जन्मतिथि और सुरक्षा कोड दर्ज करके साइन इन करें।

  4. लॉगिन करने के बाद रिक्वेस्ट करेक्शन विकल्प पर क्लिक करें।

  5. स्क्रीन पर दिखाई जा रही व्यक्तिगत जानकारी को ध्यान से जांचें और जिस जानकारी में त्रुटि है, उसके संशोधन का अनुरोध दर्ज करें।

  6. आवश्यक जानकारी और निर्धारित प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद 200 रुपये का संशोधन शुल्क जमा करें।

  7. आवेदन को अंतिम रूप से जमा करें और भविष्य के लिए आवेदन की रसीद या संबंधित विवरण सुरक्षित रखें।

आवेदन जमा करने से पहले अभ्यर्थी को सभी विवरण ध्यान से जांच लेने चाहिए, क्योंकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि एक बार प्रमाणपत्र में संशोधन होने के बाद दोबारा किसी अन्य संशोधन का अवसर नहीं दिया जाएगा।

13 लाख से अधिक सफल परिणाम

यूपीटीईटी 2026 का परिणाम 26 अगस्त को घोषित किया गया था। इसके बाद 7 सितंबर को सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र जारी किए गए। प्राथमिक स्तर यानी कक्षा एक से पांच की परीक्षा में 7,13,648 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 5,71,435 अभ्यर्थी सफल हुए। इस स्तर पर सफलता प्रतिशत 80.07 रहा।उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठ की परीक्षा में 10,57,021 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 7,59,513 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। इस स्तर पर सफलता प्रतिशत 71.85 रहा। दोनों स्तरों को मिलाकर 13,30,948 सफल परिणाम रहे।यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा 2 से 4 जुलाई के बीच पांच पालियों में कराई गई थी। परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों के 955 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसके बाद 26 अगस्त को परिणाम जारी किया गया और सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र 7 सितंबर से उपलब्ध कराए गए।

परिणाम से जुड़ी शिकायतों पर भी आयोग ने लिया फैसला

यूपीटीईटी परिणाम के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अलग-अलग तरह की शिकायतें आयोग के सामने रखी थीं। इनमें ओएमआर से जुड़ी त्रुटियां, मानकीकरण के बाद कम अंक और अन्य आपत्तियां शामिल थीं। आयोग ने इन शिकायतों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की थी। बाद में आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्र में नाम, पिता या पति के नाम, जन्मतिथि और वर्ग से जुड़ी गलतियों को सुधारने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।इससे साफ है कि प्रमाणपत्र में व्यक्तिगत विवरण की गलती को लेकर परेशान अभ्यर्थियों के लिए अब अलग सुधार प्रक्रिया उपलब्ध है। वहीं परीक्षा के अंकों या ओएमआर से जुड़ी आपत्तियों को प्रमाणपत्र संशोधन प्रक्रिया से अलग रखा गया है।

यूपीटीईटी प्रमाणपत्र की वैधता कितने समय तक रहेगी

यूपीटीईटी प्रमाणपत्र की वैधता आजीवन है। इसका मतलब है कि एक बार पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रमाणपत्र को वैध बनाए रखने के लिए दोबारा यूपीटीईटी परीक्षा पास करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थी को उस भर्ती के विज्ञापन में दी गई अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।सफल अभ्यर्थियों को अपने प्रमाणपत्र में दर्ज प्रत्येक जानकारी को अभी ही जांच लेना चाहिए। यदि नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि अथवा वर्ग में गलती है तो 200 रुपये शुल्क के साथ ऑनलाइन संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संशोधन एक बार ही उपलब्ध होगा, इसलिए अंतिम आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें