UP School Online Attendance: 33 जिलों में 10% से कम ऑनलाइन हाजिरी, 6 दिन में 100% का आदेश; देखें पूरी जिलेवार लिस्ट
UP School Online Attendance: उत्तर प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर यूपी बोर्ड ने अब सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के 33 जिलों में 10 प्रतिशत या उससे भी कम स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों को अब छह दिनों के भीतर 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।इस व्यवस्था के तहत सरकारी, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की रोजाना ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी है। इसके लिए बोर्ड के वेब पोर्टल या मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाना है।
33 जिलों में ऑनलाइन हाजिरी का हाल बेहद खराब
यूपी बोर्ड की समीक्षा में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। सबसे खराब स्थिति भदोही की है, जहां कुल 196 स्कूलों में से एक भी स्कूल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सूची में नहीं था। यानी यहां अनुपालन 0 प्रतिशत रहा।इसके बाद उन्नाव में 417 में से सिर्फ 2 स्कूलों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की, यानी आंकड़ा महज 0.48 प्रतिशत रहा। मिर्जापुर में 308 में से 3 स्कूलों ने उपस्थिति दर्ज की, जो 0.97 प्रतिशत है।प्रयागराज में भी स्थिति बेहतर नहीं मिली। यहां 1,110 स्कूलों में केवल 17 स्कूलों ने ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज की, यानी अनुपात 1.53 प्रतिशत रहा।
लखनऊ और बड़े शहर भी सूची में
ऑनलाइन उपस्थिति के मामले में सिर्फ छोटे या पिछड़े जिले ही सवालों के घेरे में नहीं हैं। सूची में लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर, आगरा, गोरखपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्रों से जुड़े क्षेत्र भी चर्चा में हैं।लखनऊ में कुल 778 स्कूलों में से 71 स्कूलों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की। इसका अनुपात 9.13 प्रतिशत है। कानपुर नगर में 706 में से 31 स्कूलों यानी 4.39 प्रतिशत स्कूलों ने उपस्थिति दर्ज की।आगरा में 920 में से 53 स्कूलों का आंकड़ा 5.76 प्रतिशत रहा, जबकि गोरखपुर में 515 में से 51 स्कूल यानी 9.90 प्रतिशत स्कूल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते पाए गए।
जिलेवार ऑनलाइन अटेंडेंस के आंकड़े
| जिला | कुल स्कूल | ऑनलाइन अटेंडेंस वाले स्कूल | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| भदोही | 196 | 0 | 0.00% |
| उन्नाव | 417 | 2 | 0.48% |
| मिर्जापुर | 308 | 3 | 0.97% |
| फर्रुखाबाद | 283 | 3 | 1.06% |
| सहारनपुर | 351 | 4 | 1.14% |
| गोंडा | 516 | 7 | 1.36% |
| प्रयागराज | 1,110 | 17 | 1.53% |
| चित्रकूट | 118 | 2 | 1.69% |
| चंदौली | 250 | 10 | 4.00% |
| कानपुर नगर | 706 | 31 | 4.39% |
| मैनपुरी | 490 | 25 | 5.10% |
| सिद्धार्थनगर | 230 | 12 | 5.22% |
| आगरा | 920 | 53 | 5.76% |
| बलिया | 607 | 36 | 5.93% |
| सोनभद्र | 232 | 15 | 6.47% |
| हमीरपुर | 158 | 11 | 6.96% |
| आजमगढ़ | 810 | 59 | 7.28% |
| कौशांबी | 364 | 28 | 7.69% |
| कानपुर देहात | 330 | 26 | 7.88% |
| जौनपुर | 652 | 53 | 8.13% |
| सुल्तानपुर | 353 | 29 | 8.22% |
| फतेहपुर | 435 | 38 | 8.74% |
| गाजीपुर | 968 | 85 | 8.78% |
| हाथरस | 350 | 31 | 8.86% |
| बुलंदशहर | 427 | 38 | 8.90% |
| लखनऊ | 778 | 71 | 9.13% |
| बहराइच | 323 | 30 | 9.29% |
| बांदा | 181 | 17 | 9.39% |
| हरदोई | 628 | 59 | 9.39% |
| अलीगढ़ | 808 | 78 | 9.65% |
| फिरोजाबाद | 569 | 55 | 9.67% |
| देवरिया | 557 | 55 | 9.87% |
| गोरखपुर | 515 | 51 | 9.90% |
ये जिलेवार आंकड़े बताते हैं कि कई जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने वाले स्कूलों की संख्या अभी 10 प्रतिशत से भी नीचे है।
अब 6 दिन में 100% ऑनलाइन अटेंडेंस का लक्ष्य
बोर्ड ने संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों यानी DIOS को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छह दिनों के भीतर अपने-अपने जिलों के सभी संबंधित माध्यमिक विद्यालयों में 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।इसका मतलब है कि अब सिर्फ पोर्टल या मोबाइल एप उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं होगा। स्कूलों में रोजाना छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए।
33 जिलों के अधिकारियों पर भी उठे सवाल
बोर्ड ने कम ऑनलाइन उपस्थिति को केवल स्कूल स्तर की समस्या नहीं माना है। इतने बड़े स्तर पर अनुपालन नहीं होने को निर्देशों की अनदेखी और निगरानी में कमी का संकेत माना गया है।इसी वजह से संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 33 जिलों के DIOS के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति का मामला भी सामने आया है।
छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति कैसे दर्ज होगी?
ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए स्कूलों को निर्धारित वेब पोर्टल या मोबाइल एप का इस्तेमाल करना होगा। व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में उपस्थिति की नियमित निगरानी करना और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से उपलब्ध कराना है।
बोर्ड के निर्देश के मुताबिक ऑनलाइन उपस्थिति केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। इसमें—
छात्र
शिक्षक
गैर-शिक्षण कर्मचारी
सभी शामिल हैं।
अब आगे क्या होगा?
छह दिन की समयसीमा पूरी होने के बाद संबंधित जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। इसलिए जिन स्कूलों में अभी तक ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था नियमित नहीं हुई है, वहां अब तेजी से सुधार करना होगा।खास बात यह है कि भदोही में 0 प्रतिशत से लेकर गोरखपुर में 9.90 प्रतिशत तक आंकड़ा सामने आया है। यानी सूची में शामिल किसी भी जिले में ऑनलाइन उपस्थिति का अनुपात 10 प्रतिशत से ऊपर नहीं मिला।
UP School Online Attendance: एक नजर में
यूपी बोर्ड की कार्रवाई से साफ है कि माध्यमिक स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर अब निगरानी और सख्त होने वाली है। 33 जिलों को छह दिन में 100 प्रतिशत ऑनलाइन अटेंडेंस सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। ऐसे में संबंधित स्कूलों और अधिकारियों के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
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