Breaking

Primary Ka Master Latest Updates | Education News | Employment News latter 👇

मंगलवार, 22 सितंबर 2026

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन से भारी बारिश का अलर्ट, जानें ओडिशा से यूपी तक मौसम का हाल

 


Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन से भारी बारिश का अलर्ट, जानें ओडिशा से यूपी तक मौसम का हाल

नई दिल्ली: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत मौसम तंत्र ने पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर बढ़ा दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। इसके अगले चरण में डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

क्या बंगाल की खाड़ी में बन रहा है चक्रवात अर्नब?

मौसम तंत्र को लेकर चक्रवात अर्नब की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन 22 सितंबर तक मौसम विभाग ने इसे चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया है। ताजा जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना तंत्र डिप्रेशन की स्थिति में है और इसके डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है।आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग के अधिकारियों ने भी चक्रवात बनने की संभावना को खारिज किया है। मौजूदा परिस्थितियों में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना कम बताई गई है। इसलिए फिलहाल इसे चक्रवात अर्नब के बजाय बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन के रूप में देखना ज्यादा सही होगा।

23 से 24 सितंबर के बीच तट पार कर सकता है सिस्टम

आईएमडी के अनुसार यह मौसम तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 23 सितंबर के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के करीब पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद यह डीप डिप्रेशन के रूप में तट को पार कर सकता है।मौसम विभाग लगातार इसकी दिशा और तीव्रता पर नजर रख रहा है। तंत्र की गति और आगे की दिशा के आधार पर तट पार करने के स्थान में बदलाव संभव है। इसलिए तटीय जिलों के लोगों के लिए मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है।

ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को बेहद भारी बारिश

इस मौसम तंत्र का सबसे ज्यादा असर ओडिशा में दिखाई देने की संभावना है। आईएमडी भुवनेश्वर ने 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश, जबकि 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 25 सितंबर को भी बहुत भारी और 26 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है।दक्षिणी ओडिशा के जिलों में प्रशासन ने भी तैयारियां बढ़ा दी हैं। गंजाम और कंधमाल में नियंत्रण कक्ष और अन्य आपात व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों, जल निकासी व्यवस्था और नदी घाटियों पर भी प्रशासन की नजर है।लगातार तेज बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। दक्षिणी ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी इस मौसम तंत्र का प्रभाव देखने को मिलेगा। आईएमडी के अनुसार 22 से 25 सितंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार तंत्र के उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के करीब पहुंचने के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।

पश्चिम बंगाल में भी बारिश बढ़ेगी

बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। 22 से 25 सितंबर के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जैसे तटीय जिलों में तेज बारिश और हवा का असर ज्यादा रह सकता है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

झारखंड में 22 से 26 सितंबर तक बदलेगा मौसम

झारखंड में भी अगले कई दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 22 से 26 सितंबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है।कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और झोंकों के साथ इसकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर

बंगाल की खाड़ी से बने इस मौसम तंत्र का असर पूर्वी और मध्य भारत तक पहुंच सकता है। आईएमडी ने छत्तीसगढ़ में भी बारिश की चेतावनी दी है। 24 सितंबर को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम तंत्र के आगे बढ़ने के साथ बारिश का क्षेत्र भी बदल सकता है।

यूपी में कब बदलेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश में इस सिस्टम का सीधा असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश की तरह नहीं रहेगा, लेकिन इसके आगे बढ़ने के साथ प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।इसलिए यूपी के लोगों को भी 24 सितंबर के बाद मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। बारिश की स्थिति जिले के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी देखना उपयोगी रहेगा।

चक्रवात अर्नब को लेकर अभी क्या स्थिति?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मौसम विभाग ने इस सिस्टम को चक्रवाती तूफान नहीं बताया है। यह डिप्रेशन से डीप डिप्रेशन की ओर बढ़ रहा है। आंध्र प्रदेश में आईएमडी ने चक्रवात बनने की संभावना को भी खारिज किया है। ऐसे में अभी चक्रवात अर्नब के भारत में दस्तक देने की बात को आधिकारिक पुष्टि के रूप में नहीं लिखा जा सकता।आने वाले 24 से 48 घंटे में सिस्टम की दिशा और ताकत को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर सबसे ज्यादा सतर्कता जरूरी है।

एक नजर में मौसम का पूरा अपडेट

राज्य | मौसम की स्थिति

ओडिशा | 22 सितंबर बहुत भारी, 23-24 सितंबर अत्यधिक भारी बारिश

आंध्र प्रदेश | 22-25 सितंबर भारी से बहुत भारी बारिश

पश्चिम बंगाल | 22-25 सितंबर बारिश और तेज हवा

झारखंड | 22-26 सितंबर बारिश, गरज-चमक और तेज हवा

छत्तीसगढ़ | 24 सितंबर भारी बारिश की संभावना

उत्तर प्रदेश | 24 सितंबर के बाद कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना


फिलहाल बंगाल की खाड़ी का यह सिस्टम चक्रवात नहीं बना है। हालांकि डीप डिप्रेशन के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने की संभावना है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें