
UP Digital Library 2026: यूपी के 11,350 गांवों में फिर खुलेंगी डिजिटल लाइब्रेरी, 454 करोड़ रुपये से होगा दूसरा चरण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गांवों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। पंचायती राज विभाग अब 11,350 और ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए 454 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त से काम कराया जाएगा। प्रमुख सचिव रविंद्र के कार्यभार संभालने के बाद मंगलवार को पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ हुई बैठक में डिजिटल पुस्तकालय योजना के दूसरे चरण को जल्द शुरू करने पर चर्चा हुई।
11,350 ग्राम पंचायतों में फिर शुरू होगा काम
पंचायती राज विभाग पहले चरण में प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित कर रहा है। अब इसी संख्या में दूसरी 11,350 ग्राम पंचायतों को योजना से जोड़ने की तैयारी है। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये से भी 11,350 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे और काम जल्द शुरू कराया जाएगा।इस हिसाब से योजना के पहले और दूसरे चरण को मिलाकर 22,700 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल पुस्तकालय सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य सामने आता है। जुलाई में प्रकाशित विभागीय जानकारी के अनुसार एक डिजिटल पुस्तकालय पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस धनराशि से पुस्तकें, सूचना प्रौद्योगिकी उपकरण और आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है।
एक पुस्तकालय पर करीब 4 लाख रुपये का खर्च
डिजिटल पुस्तकालयों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा गया है। पहले चरण की योजना के विवरण के अनुसार इनमें कंप्यूटर, इंटरनेट, स्क्रीन, आधुनिक फर्नीचर और डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ई-पुस्तकें, वीडियो व्याख्यान, श्रव्य सामग्री, डिजिटल अध्ययन सामग्री और प्रश्नोत्तरी जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।जुलाई की विभागीय जानकारी के मुताबिक 11,350 ग्राम पंचायतों के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की योजना बताई गई थी। इससे गांव के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
पहले चरण का काम अगले महीने तक पूरा करने का लक्ष्य
पहले चरण में 454 करोड़ रुपये की धनराशि से 11,350 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय स्थापित करने का काम चल रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यह काम अगले महीने तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे पहले विभागीय जानकारी में 30 सितंबर तक पहले चरण की पंचायतों में पुस्तकालय स्थापित करने का लक्ष्य बताया गया था।प्रयागराज मंडल में भी योजना का असर दिखाई दे रहा है। बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार मंडल की 979 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं, जिन पर 31.88 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इन केंद्रों में कंप्यूटर, इंटरनेट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
दूसरी किश्त के काम कराने के तरीके पर रहा विवाद
डिजिटल पुस्तकालय योजना की दूसरी किश्त को लेकर विभाग में कार्यदायी संस्था के चयन का मुद्दा भी सामने आया था। पूर्व प्रमुख सचिव अनिल कुमार और मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बीच दूसरी किश्त से काम कराने के तरीके को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद संबंधित फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी गई।मंत्री राजभर ने पहले चरण के काम में भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी और दूसरे चरण का काम राज्य सरकार की किसी दक्ष संस्था के माध्यम से एकीकृत रूप से कराने का अनुरोध किया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार दूसरी किश्त का काम उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन, उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क नोएडा या
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