UPSSSC Recruitment Exam 2026: अब आधार से होगी अभ्यर्थियों की पहचान, समूह ‘ग’ की परीक्षाओं में बड़ा बदलाव
लखनऊ: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भर्ती परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों और दूसरे की जगह परीक्षा देने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। आयोग की आगामी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थियों की आधार से जुड़ी जानकारी और बायोमैट्रिक विवरण का सत्यापन परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है।आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने 22 सितंबर 2026 को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि भर्ती परीक्षा व्यवस्था को अधिक शुचितापूर्ण और मजबूत बनाने के लिए भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन किया जाएगा। इससे परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
अभी तक नहीं थी आधार सत्यापन की अनिवार्य व्यवस्था
UPSSSC की ओर से जारी नए निर्देश के बाद परीक्षा प्रक्रिया में पहचान सत्यापन को पहले से अधिक मजबूत किया जाएगा। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक अभी तक आयोग की भर्ती परीक्षाओं में आधार सत्यापन की यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू नहीं थी। अब आने वाली परीक्षाओं में इसे शामिल किया जा रहा है।इस बदलाव का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो आयोग की आगामी परीक्षाओं में शामिल होने वाले हैं। परीक्षा के दौरान पहचान से जुड़ी जानकारी का सत्यापन होने के कारण अभ्यर्थियों को आवेदन के समय और परीक्षा केंद्र पर दिए गए विवरण में एकरूपता बनाए रखनी होगी।
फिंगरप्रिंट और आइरिस का भी रखा जाएगा ध्यान
आयोग के निर्देशों से संबंधित रिपोर्टों में अभ्यर्थियों को अपना बायोमैट्रिक डाटा अपडेट रखने की सलाह दी गई है। इसमें फिंगरप्रिंट और आइरिस जैसी जानकारी शामिल है। अभ्यर्थियों को कहा गया है कि वे परीक्षा से पहले अपना आधार कार्ड और बायोमैट्रिक विवरण अपडेट करा लें, ताकि सत्यापन के समय किसी तरह की परेशानी न हो।आधार सत्यापन की व्यवस्था का एक अहम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस अभ्यर्थी ने भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया है, परीक्षा केंद्र पर वही व्यक्ति उपस्थित होकर परीक्षा दे। इससे दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने और पहचान से जुड़ी गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अभ्यर्थी अभी क्या करें?
आयोग की आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपना आधार कार्ड जांच लेना चाहिए। आधार में नाम, जन्मतिथि, फोटो और अन्य जरूरी जानकारी सही है या नहीं, इसकी जांच करने की सलाह दी गई है। साथ ही बायोमैट्रिक जानकारी को भी अपडेट रखना जरूरी होगा।यह बदलाव ऐसे समय किया गया है जब UPSSSC की कई भर्ती परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं और आने वाले महीनों में भी कई परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। आयोग के परीक्षा कार्यक्रम में 27 सितंबर 2026 को वन रक्षक एवं वन्य जीव रक्षक तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला की मुख्य परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। वहीं प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2026 का आयोजन अक्तूबर में प्रस्तावित बताया गया है।
परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
UPSSSC की नई व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की पहचान को अधिक विश्वसनीय बनाना और परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों की गुंजाइश कम करना है। आधार सत्यापन लागू होने के बाद परीक्षा केंद्र पर पहचान की जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बायोमैट्रिक जानकारी से भी अभ्यर्थी की पहचान की पुष्टि की जा सकेगी।अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि वे परीक्षा से पहले अपने आधार और बायोमैट्रिक विवरण को अपडेट रखें। आयोग की ओर से प्रत्येक परीक्षा के प्रवेश पत्र और दिशा-निर्देश में सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया की अतिरिक्त जानकारी दी जा सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी संबंधित परीक्षा की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।
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