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शनिवार, 19 नवंबर 2022

ना स्कूल के लिए इमारतें… ना टीचर, बच्चों का भविष्य ‘बर्बाद’ करता पाकिस्तान! खुद ही खोली पोल



 ना स्कूल के लिए इमारतें… ना टीचर, बच्चों का भविष्य ‘बर्बाद’ करता पाकिस्तान! खुद ही खोली पोल

पाकिस्तान का सबसे बड़े प्रांतों में से एक सिंध में बच्चों का भविष्य गर्त में जा रहा है. सिंध में ना तो स्कूलों के लिए इमारते हैं, न टीचर और न बैठने के लिए कुर्सी मेज जैसे फर्नीचर. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि जो कुछ बचे हुए टीचर हैं, वे भी अधिकतर समय गायब रहते हैं. Pakistan के इस प्रांत में छह हजार से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जहां छत ही नहीं है. बच्चे धूप और बारिश के बीच खुले आसमान में पढ़ने को मजबूर हैं. दरअसल, ये बातें खुद शिक्षा सचिव अकबर लाघारी ने सिंध हाईकोर्ट को सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहीं हैं. उन्होंने माना है कि प्रांत में शिक्षा व्यवस्था कठिनाई का सामना कर रही है.

सिंध नैरेटिव की रिपोर्ट के मुताबिक, अकबर लाघारी ने सिंध में ‘5 साल से 16 साल तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने’ के मामले में कोर्ट में इस रिपोर्ट को पेश किया. दरअसल, सिंध प्रांत बाढ़ से जूझ रहा है. बाढ़ के बाद घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. कृषि प्रभावित हुई है और शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो चुकी है. पाकिस्तान में शिक्षा व्यवस्था पहले ही बदहाल थी और अब बाढ़ ने आग में घी डालने वाला काम किया है.

मीडिया और एक्टिविस्ट ने सिंध की बिगड़ती शिक्षा स्थिति पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है और वे इस मुद्दे पर रक्षात्मक हैं. ‘5 साल से 16 साल तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने’ के मामले में कोर्ट को जवाब देते हुए अकबर लाघारी ने इस बात को स्वीकार किया कि सिंध प्रांत की शिक्षा प्रणाली में बहुत सारे मुद्दे हैं, जिन्हें सॉल्व किया जाना बाकी है.


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