Breaking

Primary Ka Master Latest Updates | Education News | Employment News latter 👇

बुधवार, 23 सितंबर 2026

69000 Teacher Recruitment: एक अंक विवाद में हाईकोर्ट सख्त, सिर्फ एक अभ्यर्थी को नियुक्ति पर सरकार से मांगा जवाब

 


69000 Teacher Recruitment: एक अंक विवाद में हाईकोर्ट सख्त, सिर्फ एक अभ्यर्थी को नियुक्ति पर सरकार से मांगा जवाब

लखनऊ: 69 हजार शिक्षक भर्ती के एक अंक विवाद से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया है। अदालत ने सवाल उठाया कि जब पात्र अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाना था, तो सिर्फ एक अभ्यर्थी को नियुक्ति का लाभ क्यों दिया गया और बाकी अभ्यर्थियों को इससे वंचित क्यों रखा गया। न्यायालय ने राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।

2249 अभ्यर्थियों से जुड़ा है मामला

यह मामला राम जी मिश्रा समेत 12 अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है। याचियों की ओर से अदालत में कहा गया कि एक अंक के विवाद के बाद 2249 अभ्यर्थियों के चयन पर असर पड़ा था और मेरिट के आधार पर इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद 7 मई 2026 को केवल एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दी गई।सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भी यह स्वीकार किया गया कि इस मामले में केवल एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दी गई है। इसी बिंदु पर अदालत ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि समान परिस्थितियों में दूसरे अभ्यर्थियों को नियुक्ति का लाभ क्यों नहीं मिला।

हाईकोर्ट ने पूछा, बाकी अभ्यर्थियों के साथ ऐसा क्यों?

न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सिर्फ एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दिए जाने पर सवाल उठाया। अदालत के सामने जब यह तथ्य आया कि 2249 अभ्यर्थियों से जुड़ा मामला है, लेकिन नियुक्ति केवल एक को मिली, तो न्यायालय ने इसे याचियों के साथ भेदभाव से जुड़ा प्रश्न माना।अब राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को एक सप्ताह में यह स्पष्ट करना होगा कि एक अभ्यर्थी को नियुक्ति देने का आधार क्या था और उसी स्थिति में अन्य याचियों को नियुक्ति क्यों नहीं दी गई। अदालत के अगले आदेश से इस मामले में आगे की प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

7 मई 2026 की नियुक्ति बनी सुनवाई का अहम आधार

इस पूरे मामले में 7 मई 2026 की नियुक्ति महत्वपूर्ण है। याचियों का कहना है कि यदि संबंधित अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाना था तो एक अभ्यर्थी को नियुक्ति देने के बाद अन्य अभ्यर्थियों के मामले में भी उसी आधार पर निर्णय होना चाहिए था।अदालत अब सरकार के जवाब के बाद यह देखेगी कि एक अभ्यर्थी की नियुक्ति किन परिस्थितियों में की गई और क्या समान स्थिति वाले अन्य अभ्यर्थियों को भी उसका लाभ दिया जाना चाहिए। हालांकि अंतिम स्थिति अदालत के आगे के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।

8 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। ऐसे में 69 हजार शिक्षक भर्ती के एक अंक विवाद से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब अगली सुनवाई पर रहेगी।इस मामले में 2249 अभ्यर्थियों की मेरिट, एक अभ्यर्थी को मिली नियुक्ति और बाकी अभ्यर्थियों के साथ समान व्यवहार का मुद्दा अदालत के सामने है। सरकार के जवाब से यह स्पष्ट होगा कि 7 मई की नियुक्ति किस आधार पर की गई और अन्य अभ्यर्थियों के संबंध में विभाग का क्या रुख है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें