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सोमवार, 24 अगस्त 2026

राजस्थान में एक और स्कूल की खुली पोल! खुद स्टूडेंट्स ने गिनाई कमियां, धरने पर बैठा जेन अल्फा



राजस्थान में एक और स्कूल की खुली पोल! खुद स्टूडेंट्स ने गिनाई कमियां, धरने पर बैठा जेन अल्फा

बालोतरा/ बाड़मेर: राजस्थान में एक के बाद एक सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए उसके खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजने लगा है। इसी क्रम में बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (मांगी) में आज विरोध के स्वर सुनाई दिए। अध्यापकों की भारी कमी से नाराज विद्यार्थियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को छात्रों के अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और बाहर धरने पर बैठ गए।


एक शिक्षक के भरोसे 12वीं तक का स्कूल

ग्रामीण और छात्रों का आरोप है कि सीनियर सैकंडरी स्तर तक क्रमोन्नत हो चुके इस विद्यालय में लंबे समय से महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली पड़े हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि वर्तमान में यह पूरा स्कूल महज एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है। पर्याप्त अध्यापकों के न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। इसे लेकर 12 वीं के छात्र ने बताया कि टीचर लाकर प्रशासन को हमारी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।


अधिकारियों की अनदेखी पर बढ़ा आक्रोश

ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की थी। बताया जा रहा है कि हाल ही में मांगी ग्राम पंचायत ने संयुक्त निदेशक (शिक्षा विभाग, जोधपुर मंडल) को पत्र भेजकर चेतावनी भी दी थी कि यदि समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई, तो तालाबंदी की जाएगी। उनका कहना है कि इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आक्रोशित होकर ग्रामीणों को यह कदम उठाना पड़ा।


मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

गेट पर तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराने और ताला खुलवाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र और ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। छात्रों ने दो टूक शब्दों में प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि जब तक स्कूल में सभी आवश्यक विषयों के स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का लिखित या ठोस समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन और तालाबंदी लगातार जारी रहेगी।

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